सूरत : सूरत में मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव-2 का शुभारंभ, पहले दिन 825 यूनिट रक्त संग्रहित
माहेश्वरी समाज और कासट परिवार की पहल, सर्व समाज के सहयोग से आयोजित रक्तदान अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने लिया भाग
सूरत जिला माहेश्वरी सभा एवं रमाकांत-कुंजबिहारी कासट परिवार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव-2 के प्रथम दिन शुक्रवार को 825 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। महेश नवमी पर्व के अवसर पर सर्व समाज हित को ध्यान में रखते हुए इस मानव सेवा अभियान का आयोजन किया गया।
सूरत जिला माहेश्वरी सभा के मीडिया प्रभारी सुनील माहेश्वरी एवं महेश पुंगलिया ने बताया कि रक्तदान अभियान में बड़ी संख्या में रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मानव सेवा के इस कार्य में अपना योगदान दिया।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक महेश खटोड़ एवं रामावतार झंवर ने बताया कि शुक्रवार को सूरत के रिंग रोड, सहारा दरवाजा से सारोली विस्तार तक स्थित 6 मार्केट में रक्तदान शिविर आयोजित किए गए, जबकि रविवार को 6 रहवासी सोसायटियों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। एकत्रित रक्त सूरत के 10 ब्लड बैंकों को उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि सूरत जिला माहेश्वरी सभा ने इस अभियान से सर्व समाज को जोड़ा है। माहेश्वरी समाज की विभिन्न संस्थाओं एवं जिले की 12 क्षेत्रीय सभाओं को अलग-अलग रक्तदान शिविरों की जिम्मेदारी सौंपी गई।

सूरत जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष पवन बजाज एवं सचिव अतीन बाहेती ने बताया कि सूरत शहर में प्रतिदिन करीब 700 यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है। गर्मी के मौसम में रक्त की कमी को देखते हुए माहेश्वरी समाज ने इस सेवा कार्य की जिम्मेदारी उठाई। इस अभियान की तैयारी पिछले एक महीने से चल रही थी और विभिन्न सोसायटियों एवं मार्केट क्षेत्रों में संपर्क कर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया।
मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव-2 के संयोजक अनिल मणियार ने बताया कि सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान फोस्टा के निवर्तमान अध्यक्ष कैलाश हाकिम, नवनिर्वाचित अध्यक्ष हंसराज जैन, महासचिव दिनेश कटारिया एवं वार्ड नंबर-22 की कॉरपोरेटर रश्मि गिरधारी साबू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रक्तदान शिविरों में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और नागरिकों ने भाग लेकर रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाया। आयोजकों ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना और समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
