सूरत : नासिरनगर तोड़फोड़ विवाद के बीच तापी भवन में हंगामा, मीडिया कर्मियों और मार्शलों में झड़प
जांच समिति के गठन के बाद भी नहीं थमा विवाद, पुलिस बुलानी पड़ी; आयुक्त ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का दिया आश्वासन
सूरत। कतारगाम स्थित नासिरनगर में हुई विवादित तोड़फोड़ की घटना को लेकर शहर में जारी विवाद अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है।
गुरुवार को सूरत नगर निगम मुख्यालय ‘तापी भवन’ में उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब मामले की जानकारी और जवाबदेही की मांग को लेकर पहुंचे कुछ मीडिया प्रतिनिधियों तथा नगर निगम के मार्शलों के बीच तीखी झड़प हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।
घटना के बाद मीडिया कर्मियों ने आरोप लगाया कि उन्हें रोकने के दौरान मार्शलों और पुलिस कर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार किया गया। इसके विरोध में बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि तापी भवन के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। धरने के कारण परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
इसी दौरान बताया गया कि महापौर श्रीमती मायाबेन मावाणी को मुख्य प्रवेश द्वार पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के कारण भवन के पिछले द्वार से निजी वाहन के माध्यम से बाहर निकलना पड़ा।
मामले पर मीडिया से बातचीत करते हुए नगर आयुक्त एम. नागराजन ने कहा कि नासिरनगर प्रकरण की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन कर दिया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि आयुक्त के आश्वासन के बावजूद मीडिया प्रतिनिधियों ने सेंट्रल ज़ोन के अधिकारियों और जांच से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगना जारी रखा। इसी दौरान स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई तथा मीडिया कर्मियों और मार्शलों के बीच धक्का-मुक्की की नौबत आ गई।
घटना की सूचना मिलने पर लालगेट पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बाद में मीडिया कर्मियों ने कुछ पुलिसकर्मियों और मार्शलों पर अभद्र व्यवहार और मारपीट के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया।
कई घंटों तक चले हंगामे के बाद नगर आयुक्त ने मामले की जांच सिटी इंजीनियर डी.सी. भगवागर को सौंपने की घोषणा की तथा आरोपित मार्शलों के खिलाफ उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, मौके पर पहुंचे डीसीपी आलोक कुमार ने भी आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
नासिरनगर तोड़फोड़ प्रकरण को लेकर पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद जारी है। ऐसे में तापी भवन में हुई यह घटना मामले को और अधिक संवेदनशील बना रही है। अब सभी की निगाहें नगर निगम द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
