सूरत : 50 लाख रुपये की लूटकांड का मास्टरमाइंड कुंदन भगत सूरत लाया गया

बिहार की बेउर जेल से ट्रांजिट कस्टडी पर लाकर शुरू हुई पूछताछ, बैंक से सोना-हीरा लूटने की बड़ी साजिश का भी खुलासा

सूरत : 50 लाख रुपये की लूटकांड का मास्टरमाइंड कुंदन भगत सूरत लाया गया

सूरत। वराछा क्षेत्र स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) शाखा में 27 अप्रैल को हुई 50 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में सूरत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

मामले के कथित मास्टरमाइंड कुंदन भगत को बिहार की बेउर जेल से कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सूरत लाया गया है। पटना की विशेष अदालत से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने उसे ट्रांजिट कस्टडी में लेकर सूरत पहुंचाया, जहां उससे गहन पूछताछ शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार, दिनदहाड़े हुई इस वारदात में हथियारबंद बदमाशों ने बैंक में घुसकर कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाया था तथा कुछ ही मिनटों में 50 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए थे।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही तीन आरोपियों—शुभम ठाकुर, विक्रमजीत सिंह राजपूत और मितेशकुमार उर्फ महेशकुमार लखेंद्र राय—को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि पूरी वारदात की साजिश बिहार की जेल में बंद कुंदन भगत ने रची थी।

जेल में बैठकर बनाई गई थी डकैती की पूरी योजना

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कुंदन भगत नवंबर 2025 से बिहार की बेउर जेल में बंद था। उस पर हथियार तस्करी, रंगदारी, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित आठ से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।

बिहार में उसकी गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से AK-47 राइफल भी बरामद हुई थी। उसके खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत पूरक आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नहीं, आमने-सामने पूछताछ को दी गई प्राथमिकता

डीसीपी आलोक कुमार ने बताया कि आरोपी को सूरत लाने के लिए स्थानीय न्यायालयों और पटना की विशेष अदालत के बीच समन्वय किया गया। प्रारंभिक स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूछताछ का विकल्प रखा गया था, लेकिन जांच की गंभीरता को देखते हुए आमने-सामने पूछताछ को आवश्यक माना गया। इसके बाद सूरत पुलिस की विशेष टीम ने बिहार जाकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और आरोपी को कस्टडी में लेकर सूरत पहुंचाया।

सोना और हीरे लूटने की भी थी साजिश

जांच में यह भी सामने आया है कि कुंदन भगत देश के विभिन्न राज्यों से अपराधियों को संगठित कर उन्हें कोड नेम देता था तथा हथियारों के उपयोग का प्रशिक्षण देकर लूट की घटनाओं को अंजाम दिलाता था।

पुलिस के अनुसार, गिरोह की योजना केवल नकदी लूटने तक सीमित नहीं थी। बैंक में मौजूद सोने और हीरे के आभूषणों की भी बड़ी लूट की साजिश रची गई थी, लेकिन परिस्थितियों के चलते आरोपी केवल नकदी लूटकर फरार हो गए।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि मामले में अभी भी पांच से छह आरोपी फरार हैं। कुंदन भगत से आमने-सामने पूछताछ के दौरान लूट की शेष रकम, फरार साथियों के ठिकानों और पूरे नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा सके।

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