राजकोट : अरब सागर में आगे बढ़ा मानसून, केरल से मंगलुरु तक तटीय क्षेत्रों में चेतावनी संकेत जारी
गुजरात में प्री-मानसून गतिविधियां तेज, 5 जून तक तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की संभावना
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अरब सागर में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और इसके आगे बढ़ने के साथ ही केरल से मंगलुरु तक के तटीय क्षेत्रों में मौसम विभाग ने चेतावनी संकेत जारी किए हैं। वहीं गुजरात में भी प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और आगामी दिनों में कई क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, गुजरात में सामान्यतः मानसून का आगमन 20 जून के आसपास होता है, लेकिन इस वर्ष मानसून पूर्व मौसम की स्थिति कुछ अलग दिखाई दे रही है। सामान्य तौर पर प्री-मानसून अवधि में क्यूम्यूलोनिम्बस (सीबी) बादलों के कारण अचानक वर्षा होती है, जबकि इस बार लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों का प्रभाव देखने को मिल रहा है।
वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से गुजरात समेत देश के कई हिस्सों में गरज, आंधी और बारिश का मौसम बना हुआ है। मौसम विभाग ने इसके लिए चेतावनी भी जारी की है। साथ ही अगले दो दिनों में एक और मौसम प्रणाली सक्रिय होने की संभावना जताई गई है, जिससे वर्षा गतिविधियों में और वृद्धि हो सकती है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून 16 मई को बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर क्षेत्र में कुछ समय के लिए कमजोर पड़ गया था, लेकिन निकोबार द्वीप समूह में प्रवेश करने के बाद उसने पुनः गति पकड़ ली है। इसके प्रभाव से केरल, तमिलनाडु तथा दक्षिण-पूर्वी अरब सागर से जुड़े क्षेत्रों में भारी बारिश और गरज के साथ बौछारों की चेतावनी जारी की गई है।
मंगलुरु से केरल तक के तटीय बंदरगाहों पर एलसी-3 चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। वहीं सौराष्ट्र के द्वारका और जूनागढ़ तटीय क्षेत्रों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका व्यक्त की गई है, जिसके चलते मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मंगलवार को गुजरात के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। मौसम विभाग के अनुसार 5 जून तक सौराष्ट्र समेत राज्य के कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और बारिश का दौर भी जारी रह सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम दिशा से मानसून के आगमन से पहले उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाले विक्षोभों के कारण गुजरात में तूफानी और अस्थिर मौसम की स्थिति बनी रह सकती है।
