राजकोट में नार्को समन्वय केंद्र की बैठक आयोजित, नशे के खिलाफ अभियान तेज
पुलिस आयुक्त ब्रजेश कुमार झा ने शैक्षणिक संस्थानों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के दिए निर्देश, एक महीने में 13.65 लाख रुपये से अधिक के मादक पदार्थ जब्त
राजकोट डीसीबी पुलिस स्टेशन में पुलिस आयुक्त ब्रजेश कुमार झा की अध्यक्षता में नार्को समन्वय केंद्र की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की गई और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त ब्रजेश कुमार झा ने कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर नशीले पदार्थों से जुड़ी सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे। साथ ही, शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मादक पदार्थों की बिक्री की आशंका को देखते हुए उन्होंने नागरिकों और संस्थानों से संदिग्ध विक्रेताओं की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने की अपील की।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी जगदीश बंगरवा ने बैठक में बताया कि चालू महीने में चलाए गए नशा विरोधी अभियान के तहत पुलिस ने 13.22 किलोग्राम गांजा, अफीम और मेफेड्रोन जैसे मादक पदार्थ जब्त किए हैं। इनकी कुल कीमत 13.65 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। इस संबंध में पांच मामले दर्ज कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
डीसीपी बंगरवा ने यह भी बताया कि स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोपटा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस विभाग ने 116 मामलों में 23,200 रुपये का जुर्माना वसूला, जबकि राजकोट महानगरपालिका ने 117 मामलों में 3,280 रुपये का दंड वसूला है।
बैठक में महानगरपालिका, खाद्य एवं औषधि विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा नशा नियंत्रण और जागरूकता के लिए किए गए कार्यों की जानकारी भी साझा की गई। इसके अलावा, राजकोट शहर पुलिस के विशेष ऑपरेशन समूह (एसओजी) और भारत सरकार के सीमा शुल्क विभाग द्वारा आयोजित मादक पदार्थ विरोधी जागरूकता कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई।
इस बैठक में एसओजी पीआई एन.बी. चौधरी, पीएसआई वी.वी. ध्रांगू, विभिन्न पुलिस स्टेशनों के अधिकारी, कृषि एवं वन विभाग, समाज कल्याण विभाग, सीमा शुल्क, खाद्य एवं औषधि विभाग, फोरेंसिक विभाग के प्रतिनिधियों सहित राजकोट के विभिन्न विश्वविद्यालयों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
