वडोदरा : प्रतापनगर रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कायाकल्प

 लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन तथा आधुनिक यात्री सुविधाओं की योजना है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और यात्रियों की सुविधा में वृद्धि होगी

वडोदरा : प्रतापनगर रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कायाकल्प

वडोदरा का प्रतापनगर स्टेशन अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह वर्ष 1880 में नैरो गेज रेलवे के आगमन का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्ष 1922 में यहां प्रतापनगर में एक महत्वपूर्ण रेलवे वर्कशॉप की स्थापना की गई थी। वर्तमान में इस स्टेशन को एक रणनीतिक सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे वडोदरा स्टेशन पर यातायात का दबाव कम किया जा सके। यहां लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन तथा आधुनिक यात्री सुविधाओं की योजना है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और यात्रियों की सुविधा में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, यह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जाने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण बोर्डिंग स्टेशन भी है।

वडोदरा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजू भडके के अनुसार प्रतापनगर रेलवे स्टेशन का यह व्यापक पुनर्विकास न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करेगा, बल्कि वडोदरा शहर की रेलवे अवसंरचना को भी नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत लगभग 71.58 करोड़ रुपये की लागत से प्रतापनगर रेलवे स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास का कार्य किया गया है जिससे इस स्टेशन को एक नया भव्य स्वरूप मिला है। पुनर्विकास परियोजना के अंतर्गत पुराने 1, 2 एवं 3 नंबर प्लेटफॉर्मों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया गया है। साथ ही एक नए प्लेटफॉर्म नंबर 4 का विकास किया गया है, जिसमें उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्मों का विस्तार एवं पुनर्सतहीकरण किया गया है। प्लेटफार्मों पर आधुनिक प्लेटफॉर्म शेल्टर तैयार किये गए  है जिससे यात्रियों को बैठने की सुगम व्यवस्था उपलब्ध हो। नए स्टेशन भवन में नए विभिन्न कार्यालयों की स्थापना की गयी है। यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त शौचालयों का निर्माण किया गया है। साथ ही आधुनिक साइनेज व्यवस्था तथा दिव्यांगजन-अनुकूल बुकिंग काउंटर सुविधाओं का विकास किया गया है। इसके अतिरिक्त, स्टेशन पर दो नई लिफ्टों की स्थापना भी की गई है।

आकर्षक द्वितीय प्रवेश द्वार

प्रतापनगर स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार की तरफ नए स्टेशन भवन का निर्माण तथा वाणिज्यिक क्षेत्र के विकास का कार्य भी किया गया है, जिससे स्टेशन भवन का  स्वरूप बेहद आकर्षक हुआ है। सेकंड एंट्री क्षेत्र में सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन, पर्याप्त पार्किंग सुविधा, स्पष्ट प्रवेश एवं निकास मार्ग तथा आधुनिक शहरी अवसंरचना विकसित की गई है।

कॉन्कोर्स क्षेत्र का आधुनिकीकरण

र्स क्षेत्र का यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से स्टेशन के कॉन्कोर्स क्षेत्र का भी आधुनिकीकरण किया गया है। आधुनिक फ्लोरिंग के साथ आकर्षक वॉल क्लैडिंग की गयी है, जिसमें रेलवे के इतिहास की झलक को उकेरा गया है। स्टेशन पर उन्नत प्रकाश व्यवस्था के साथ  स्टेशन परिसर में कलात्मक भित्ति चित्र (म्यूरल्स) स्थापित किए गए हैं, जो स्टेशन को एक नया और आकर्षक स्वरूप प्रदान करते हैं।

 दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं

दिव्यांगजन यात्रियों के लिए प्लेटफार्म  को सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक सुलभ सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।दिव्यांगजन-अनुकूल बुकिंग काउंटर सुविधाओं का विकास किया गया है। फुट ओवर ब्रिज को लिफ्टों से भी जोड़ा गया है जिससे यात्रियों को प्लेटफार्मों पर जाने में सुगमता हासिल हो, जिससे यह स्टेशन पूर्णतः दिव्यांगजन-अनुकूल बन सके।

आवागमन को सुगम बनाता 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज

स्टेशन के दोनों ओर के शहर तथा प्लेटफार्मों को जोड़ने के लिए 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया गया है। यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने हेतु दोनों सिरों पर रैंप की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही फुट ओवर ब्रिज को लिफ्टों से भी जोड़ा गया है जिससे यात्रियों को प्लेटफार्मों पर जाने में सुगमता हासिल हो, जिससे यह स्टेशन पूर्णतः दिव्यांगजन-अनुकूल बन सके। यह परियोजना भारतीय रेल के “यात्री सुविधा, सुगम यात्रा और आधुनिक स्टेशन” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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