सूरत : 1 जून से शुरू होगी ‘जनगणना-2027’, 10,800 गणनाकर्मी और 1,800 सुपरवाइजर तैनात
देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना का पहला चरण कल से शुरू; सूरत जिले में 37 हजार से अधिक लोगों ने किया सेल्फ-एन्यूमेरेशन
सूरत। ‘जनकल्याण के लिए जनगणना’ के संकल्प के साथ देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना का पहला चरण सोमवार, 1 जून 2026 से गुजरात सहित सूरत शहर और जिले में शुरू होगा।
यह देश के इतिहास की पहली ऐसी जनगणना होगी, जिसे पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा। इससे पहले वर्ष 2011 में जनगणना आयोजित की गई थी।
जनगणना निदेशक सुजल जे. मयात्रा ने नागरिकों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी और पूर्ण सहयोग की अपील की है। जनगणना प्रक्रिया के तहत सूरत महानगर और जिले को विशेष हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स (HLB) में विभाजित किया गया है।
सूरत शहरी क्षेत्र में जनगणना कार्य के लिए 10,800 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक, 10,800 गणनाकर्मी (एन्यूमेरेटर) तथा 1,800 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 2,737 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक, 2,646 गणनाकर्मी और 441 सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया आधुनिक तकनीक के माध्यम से संचालित की जाएगी।
जनगणना कार्य को त्रुटिरहित और प्रभावी बनाने के लिए सभी गणनाकर्मियों, पर्यवेक्षकों तथा अधिकारियों को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया गया है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपने घरों में आने वाले गणनाकर्मियों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं।
जिले में अब तक 37 हजार से अधिक नागरिकों ने डिजिटल माध्यम से स्वयं गणना (सेल्फ-एन्यूमेरेशन) के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें से 32 हजार से अधिक लोगों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि लगभग 5 हजार आवेदन प्रक्रिया में हैं।
पहले चरण के अंतर्गत 1 जून से 30 जून 2026 तक हाउस लिस्टिंग एवं हाउस काउंट (HLO) का कार्य किया जाएगा। इस दौरान आवास की स्थिति, परिवार का विवरण, पेयजल स्रोत, शौचालय सुविधा तथा अन्य संपत्तियों से जुड़े कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे।
जनगणना-2027 में आधुनिक डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इसके लिए एंड्रॉयड और iOS आधारित मोबाइल एप्लिकेशन उपलब्ध कराए गए हैं, जो गुजराती सहित 16 भाषाओं में कार्य करेंगे तथा ऑफलाइन डेटा संग्रहण की सुविधा भी प्रदान करेंगे। नागरिकों के लिए सेल्फ-एन्यूमेरेशन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिसके माध्यम से वे अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
दूसरे चरण में होगी जनसंख्या एवं जाति गणना
जनगणना का दूसरा चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक आयोजित किया जाएगा। इस चरण में जनसंख्या गणना के साथ-साथ देशव्यापी जाति गणना भी की जाएगी।
जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय
जनगणना अधिनियम-1948 एवं जनगणना नियम-1990 के तहत एकत्र की जाने वाली सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी। इनका उपयोग किसी भी कानूनी, कर अथवा अन्य प्रशासनिक कार्रवाई के लिए नहीं किया जा सकेगा। कानून के अनुसार प्रत्येक नागरिक के लिए सही और पूर्ण जानकारी देना अनिवार्य है। गलत जानकारी देने अथवा जानकारी देने से इनकार करने पर दंड का प्रावधान भी है।
जनगणना से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए नागरिक भारत सरकार की हेल्पलाइन 1855 तथा आधिकारिक वेबसाइट www.censusindia.gov.in का उपयोग कर सकते हैं।
