सूरत : एसएमए की बैठक में व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह, नए व्यापारियों को उधार नहीं देने का लिया गया निर्णय
युद्ध और महंगाई के बीच व्यापार 25 प्रतिशत से भी कम गति पर, व्यापारिक मंदी और साइबर क्राइम पर चिंता
सूरत मर्कनटाइल एसोसिएशन (एसएमए) की 217वीं नियमित साप्ताहिक समस्या समाधान बैठक का आयोजन रविवार, 17 मई 2026 को प्रातः 9:30 बजे से 10:30 बजे तक माहेश्वरी भवन, प्रथम तल स्थित बोर्ड रूम, सिटी लाइट में किया गया। बैठक का नेतृत्व एसएमए प्रमुख नरेन्द्र साबू ने अपनी पंच पैनल एवं कोर कमेटी टीम के साथ किया। बैठक में 114 व्यापारी सदस्यों की उपस्थिति रही, जबकि 13 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश मामले साइबर क्राइम से संबंधित थे। इस दौरान व्यापारियों ने वर्तमान व्यापारिक परिस्थितियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
बैठक में बताया गया कि मौजूदा हालात कोरोना काल जैसी परिस्थितियों की याद दिला रहे हैं। मध्य पूर्व में जारी युद्ध और बढ़ती महंगाई के कारण व्यापार पर लगातार नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति कमजोर हुई है, जिसका सीधा असर बाजारों में देखने को मिल रहा है।
विशेष रूप से 5 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले लगभग 90 प्रतिशत व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। व्यापारियों ने कहा कि दुकानों के बढ़ते किराए, सीमित बिक्री और बाजार में घटती मांग ने स्थिति को और कठिन बना दिया है। शिव शक्ति मार्केट अग्निकांड के बाद व्यापार पहले ही प्रभावित था, वहीं अब युद्ध और महंगाई ने व्यापारिक संकट को और गहरा कर दिया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि वर्तमान में व्यापार केवल 25 प्रतिशत से भी कम गति से चल रहा है, जो अत्यंत चिंता का विषय है। एसएमए की ओर से व्यापारियों को सलाह दी गई कि वे अपने व्यापार को नियंत्रित और संतुलित तरीके से संचालित करें तथा किसी भी प्रकार की ओवर ट्रेडिंग से बचें।
संगठन ने निर्णय लिया कि किसी भी नए एजेंट या नए व्यापारी को उधार पर माल नहीं दिया जाएगा और केवल नगद आधार पर व्यापार किया जाएगा। साथ ही पुराने व्यापारियों को भी अधिकतम 60 दिनों से अधिक उधार नहीं देने तथा किसी भी प्रकार का रिटर्न स्वीकार नहीं करने का निर्णय लिया गया।
बैठक का समापन स्वादिष्ट अल्पाहार के साथ हुआ। इस अवसर पर एसएमए परिवार के अशोक गोयल, राजीव उमर, महेश पाटोदिया, राजकुमार चिरानिया, दुर्गेश टिबडेवाल, गौरव भसीन, मुकेश अग्रवाल, घनश्याम माहेश्वरी, मनोज अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, रामकिशोर बजाज, संजय अग्रवाल, राजेश गुरनानी, जितेंद्र सुराना सहित शहर के गणमान्य सदस्य रामअवतार साबू, अभय राठी, सुरेश मालपानी, कैन्हयालाल चांडक और राजेश माहेश्वरी उपस्थित रहे।
इंस्पेक्टर आर. जे. चौधरी ने व्यापारियों को साइबर क्राइम से बचाव के लिए सतर्क रहने और 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की दी सलाह

सूरत मर्कनटाइल एसोसिएशन की बैठक में साइबर क्राइम सेल के पुलिस इंस्पेक्टर आर. जे. चौधरी सादर उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने बैठक में मौजूद साइबर अपराध से पीड़ित फरियादियों की शिकायतें सुनीं और मामलों में व्यापक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इंस्पेक्टर चौधरी ने व्यापारी वर्ग को संबोधित करते हुए कहा कि इंटरनेट बैंकिंग और सोशल मीडिया मैसेज का उपयोग अत्यंत सतर्कता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, जिसके बाद पुलिस स्टेशन में भी संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि कई मामलों में ठगी की गई राशि को समय रहते संदिग्ध (सस्पेंडेड) खातों में रोककर वापस कराया जा सकता है, लेकिन एक बार धनराशि खाते से निकल जाने के बाद उसे वापस प्राप्त करना काफी कठिन हो जाता है।
साइबर सुरक्षा के लिए उन्होंने व्यापारियों को सुझाव दिया कि वे दो मोबाइल फोन का उपयोग करें—एक निजी एवं सामाजिक कार्यों के लिए तथा दूसरा बैंकिंग और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए, जिससे साइबर अपराध की घटनाओं से काफी हद तक बचाव संभव है।
