सूरत : एनटीपीसी झनोर–गंधार में ‘बालिका सशक्तिकरण मिशन 2026’ का भव्य शुभारंभ
एक माह की आवासीय कार्यशाला में 27 बालिकाएं लेंगी भाग, शिक्षा के साथ आत्मविश्वास और जीवन कौशल पर रहेगा विशेष फोकस
एनटीपीसी झनोर–गंधार में बुधवार, 7 मई 2026 को ‘बालिका सशक्तिकरण मिशन (GEM) 2026’ का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। यह पहल ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और जीवन कौशल से सशक्त बनाकर उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर पूर्व वर्षों की चयनित GEM बालिकाओं ने अपने अनुभव साझा किए। उनकी प्रेरणादायी कहानियों ने नई प्रतिभागियों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार किया। बालिकाओं के मनोरंजन और प्रोत्साहन के लिए कठपुतली शो का भी आयोजन किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए रौतेला ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में अपार प्रतिभा छिपी होती है, जिसे सही वातावरण और अवसर मिलने पर निखारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक माह की यह आवासीय कार्यशाला बालिकाओं के लिए आत्म-खोज का मंच है, जहां वे अपनी क्षमताओं और रुचियों को पहचान सकेंगी।

उन्होंने कहा कि केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जीवन कौशल, आत्मविश्वास और साहस भी सफलता के लिए उतने ही आवश्यक हैं। उन्होंने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “परिस्थितियां आपकी पहचान नहीं बनातीं, बल्कि आपका आत्मविश्वास ही आपकी वास्तविक पहचान है।”
रौतेला ने कहा कि शुरुआत में डर लगना स्वाभाविक है, लेकिन निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प से हर चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने इस पहल को केवल एक सीएसआर गतिविधि नहीं, बल्कि समाज के प्रति एनटीपीसी की वास्तविक प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। साथ ही अभिभावकों से अपील की कि वे कार्यशाला के दौरान बालिकाओं को पूरा सहयोग और स्वतंत्रता प्रदान करें।
‘बालिका सशक्तिकरण मिशन 2026’ केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सक्षम नागरिक बनाने का सशक्त मंच है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत एनटीपीसी ने इस पहल की शुरुआत वर्ष 2021 में विंध्याचल, सिंगरौली और रिहंद परियोजनाओं से की थी।
वर्ष 2021 से झनोर–गंधार परियोजना भी इस मिशन से जुड़कर बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इस वर्ष 27 बालिकाओं ने कार्यशाला में भाग लेकर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर पहला मजबूत कदम बढ़ाया है। अब तक एनटीपीसी झनोर के आसपास के गांवों की 125 से अधिक बालिकाएं इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मविश्वास और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ चुकी हैं।
इस मिशन के अंतर्गत परियोजना क्षेत्र के आसपास के गांवों की 10 से 12 वर्ष आयु वर्ग की कक्षा 5वीं की बालिकाओं के लिए एक माह की आवासीय कार्यशाला आयोजित की जाती है। इसमें हिंदी, अंग्रेजी और गणित जैसे विषयों में शैक्षणिक मजबूती के साथ-साथ खेलकूद, ड्राइंग, आर्ट्स एंड क्राफ्ट तथा सेल्फ डिफेंस जैसी गतिविधियों के जरिए बालिकाओं के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शीर्ष चार बालिकाओं को बाल भारती पब्लिक स्कूल, झनोर में कक्षा 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है, जिसका पूरा खर्च एनटीपीसी वहन करता है। यह पहल बेटियों को शिक्षा के साथ अपने सपनों को साकार करने का आत्मविश्वास भी प्रदान कर रही है।
