सूरत : नई सिविल अस्पताल में ₹3.60 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक पोस्टमॉर्टम कॉम्प्लेक्स

पोस्टमॉर्टम एक्स-रे सुविधा भी होगी उपलब्ध, फोरेंसिक जांच और मेडिकल शिक्षा को मिलेगा बड़ा लाभ: स्वास्थ्य मंत्री प्रफुलभाई पानशेरिया

सूरत : नई सिविल अस्पताल में ₹3.60 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक पोस्टमॉर्टम कॉम्प्लेक्स

सूरत। सूरत की नई सिविल अस्पताल में फोरेंसिक जांच और मेडिकल शिक्षा को आधुनिक सुविधाओं से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुलभाई पानशेरिया के मार्गदर्शन में अस्पताल परिसर में लगभग ₹3.60 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक पोस्टमॉर्टम कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। यह सुविधा किडनी बिल्डिंग गेट और नई सिविल अस्पताल की पार्किंग के समीप विकसित की जाएगी।

नवनिर्मित पोस्टमॉर्टम कॉम्प्लेक्स का भूमिपूजन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जयेश ब्रह्मभट्ट, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पारुल वडगामा, आरएमओ डॉ. केतन नायक तथा सहायक नर्सिंग अधीक्षक इकबाल कड़ीवाला की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

यह अत्याधुनिक केंद्र सूरत और दक्षिण गुजरात में फोरेंसिक जांच, चिकित्सा अनुसंधान और शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा। मेडिकल मानकों के अनुरूप विकसित किए जाने वाले इस कॉम्प्लेक्स में आधुनिक पोस्टमॉर्टम कक्ष, लेक्चर हॉल तथा फोरेंसिक विशेषज्ञों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

विशेष रूप से जटिल और संवेदनशील मामलों की जांच के लिए बाहरी फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी यहां बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा, इस केंद्र में एक साथ 250 से अधिक एमबीबीएस विद्यार्थियों को पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी व्यावहारिक शिक्षा और प्रशिक्षण को मजबूती मिलेगी।

पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए भी यह केंद्र अत्यंत उपयोगी साबित होगा। यहां जटिल मामलों के अध्ययन और अनुसंधान के लिए आधुनिक संसाधन एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुलभाई पानशेरिया ने बताया कि संवेदनशील मामलों में मृतकों के एक्स-रे की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इस परिसर में विशेष ‘पोस्टमॉर्टम एक्स-रे सुविधा’ भी शुरू की जाएगी। इससे फोरेंसिक जांच की सटीकता और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

भूमिपूजन कार्यक्रम में फोरेंसिक विभाग के अध्यक्ष डॉ. चंद्रेश टेलर, पीआईयू विभाग के इंजीनियर तुषार पटेल, सिविल अस्पताल के चिकित्सक, फोरेंसिक विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी एवं नर्सिंग स्टाफ सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

नई सुविधा के निर्माण से सूरत की चिकित्सा एवं फोरेंसिक सेवाओं को आधुनिक आधारभूत ढांचा मिलेगा, जिससे जांच प्रक्रिया, शोध कार्य और मेडिकल शिक्षा को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।

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