सूरत में सिंध के रूहानी संत पूज्य साधराम को भावभीनी श्रद्धांजलि
विविध सामाजिक संस्थाओं और अग्रणियों ने सिंधु वाड़ी अमरपुर भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दी श्रद्धांजलि
सूरत में आज विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा सिंध के रूहानी संत परम पूज्य साधराम के परलोक गमन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। रामनगर स्थित सिंधु वाड़ी अमरपुर भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के बड़ी संख्या में लोग, विभिन्न संस्थाओं के अध्यक्ष तथा अग्रणी उपस्थित रहे। सभी ने भावपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित कर पूज्य संत साधराम को याद किया।
पूज्य साधराम जी पाकिस्तान के सिंध प्रांत के गोटकी जिले स्थित रहड़की साहिब के प्रसिद्ध SSD धाम के गादीनशीन थे। यह धाम अखंड भारत के समय से ही श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है तथा आज भी सिंध प्रांत में लगभग 90 एकड़ भूमि में विस्तृत है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
स्वर्गीय पूज्य साधराम जी SSD धाम के सातवें गादीपति थे। उनका निधन 19 मई 2026 को सिंगापुर में हुआ था, जबकि उनका अंतिम संस्कार 21 मई को संपन्न हुआ। उनके निधन से सिंध प्रांत सहित भारत और विश्वभर में बसे लाखों अनुयायियों एवं विभिन्न धर्मों के लोगों में शोक की लहर फैल गई।
पूज्य साधराम जी विश्वभर में धार्मिक प्रवास करते रहते थे। भारत के विभिन्न शहरों में SSD के नाम से उनके 36 धाम संचालित हैं। नागपुर में उनकी निगरानी में लगभग सवा सौ करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल धार्मिक आश्रम “SSD धाम” का निर्माण भी जारी है।
वे हर वर्ष अपने अनुयायियों के आग्रह पर भारत आते थे और कई बार सूरत भी पधार चुके थे। उनके सरल, हंसमुख और मिलनसार स्वभाव को याद करते हुए श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि वे सभी से मुस्कराकर मिलते थे और आत्मीयता से गले लगाते थे। उनके निधन से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि पूज्य साधराम जी द्वारा बताए गए सेवा, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में उपस्थित कई अग्रणियों ने उनके जीवन, व्यक्तित्व और समाजसेवा से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों को भी साझा किया।
