सूरत : ‘प्रगति का प्रवेशोत्सव’ अभियान शुरू, ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से स्कूल से जोड़ने पर जोर
स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए मनपा प्रशासन मिशन मोड में सक्रिय
सूरत। सूरत नगर निगम क्षेत्र में स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से “प्रगति का प्रवेशोत्सव” अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को जल्द से जल्द दोबारा विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर उनकी पढ़ाई शुरू कराना है।
भारत सरकार ने नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत वर्ष 2030 तक स्कूलों में 100 प्रतिशत छात्र नामांकन अनुपात हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसी दिशा में गुजरात सरकार द्वारा “प्रगति का प्रवेशोत्सव” कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसके तहत कक्षा 1 से 11 तक के ड्रॉपआउट विद्यार्थियों से संपर्क कर उन्हें समझाने और उनकी आयु के अनुसार पुनः स्कूलों में प्रवेश दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अभियान के अंतर्गत सूरत नगर निगम क्षेत्र के सरकारी, अनुदानित और निजी विद्यालयों में पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थियों को पुनः प्रवेश दिलाने के लिए प्रशासन ने मिशन मोड में कार्य शुरू कर दिया है।
अभियान के दौरान मनपा आयुक्त ने ड्रॉपआउट बच्चों और उनके अभिभावकों से मुलाकात कर शिक्षा का महत्व समझाया तथा बच्चों को दोबारा स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया।
इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं और माताओं से संवाद कर सभी बच्चों को शिक्षा के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ने और विकसित भारत मिशन में सहभागी बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
