सूरत : स्वास्थ्य मंत्री प्रफुलभाई पनशेरिया का न्यू सिविल हॉस्पिटल में औचक निरीक्षण

सूरत। सफाई, मरीजों की सुविधा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सख्त निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

सूरत : स्वास्थ्य मंत्री प्रफुलभाई पनशेरिया का न्यू सिविल हॉस्पिटल में औचक निरीक्षण

सूरत। गुजरात के स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुलभाई पनशेरिया ने शुक्रवार को सूरत स्थित न्यू सिविल हॉस्पिटल का औचक दौरा कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने इमरजेंसी विभाग, ट्रॉमा सेंटर, विभिन्न ओपीडी, कोविड बिल्डिंग और अन्य वार्डों का दौरा किया तथा मरीजों, डॉक्टरों और स्टाफ से बातचीत कर सुविधाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को साफ-सफाई को लेकर “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पताल के वार्ड, लॉबी, बाथरूम और कॉमन एरिया हर समय स्वच्छ रहने चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था की प्राथमिक और अंतिम जिम्मेदारी सिविल सुपरिटेंडेंट की होगी तथा कहीं भी गंदगी मिलने पर सीधे तौर पर जवाबदेही तय की जाएगी।

मंत्री ने अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल सेवा का स्थान है और यहां आने वाले जरूरतमंद नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और संवेदनशील स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पीआईयू (प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट), इलेक्ट्रिकल और मेंटेनेंस विभाग को भी कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने किडनी बिल्डिंग में टूटी टाइल्स, मकड़ी के जाले और पोस्टमॉर्टम रूम में बंद एसी जैसी समस्याओं को 24 घंटे के भीतर दूर कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए। साथ ही अस्पताल की सभी मशीनों और तकनीकी उपकरणों की नियमित जांच और मेंटेनेंस सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कहा कि अधिकारी केवल कागज़ों पर काम न करें, बल्कि खुद साइट पर जाकर निगरानी करें। स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ और मरीजों के हितों की अनदेखी हुई तो सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति और अनुशासन पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ड्यूटी में लापरवाही और उदासीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मी पूरी तरह सक्षम और प्रशिक्षित हों तथा डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हमलों की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मरीजों की सुविधाओं को लेकर उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि मरीजों को एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग में ले जाने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त गोल्फ कार्ट की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा, बंद पड़ी मशीनों और उपकरणों को तत्काल चालू करने तथा एंजियोग्राफी मशीन को जल्द शुरू करने पर जोर दिया गया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पताल का मॉडल कॉर्पोरेट स्तर की स्वच्छता और व्यवस्थाओं वाला होना चाहिए। उन्होंने ट्रॉमा सेंटर, टीबी विभाग, ऑर्थोपेडिक और बच्चों की ओपीडी समेत सभी वार्डों में आधुनिक और व्यवस्थित सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के अंत में मंत्री ने कहा कि भविष्य में भी सिविल अस्पताल में औचक निरीक्षण और समीक्षा जारी रहेगी, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत तथा मरीज केंद्रित बनाया जा सके।

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