सूरत : 'सियासी महाभारत',मेयर और डिप्टी मेयर के चयन के लिए भाजपा का मंथन, ऑब्जर्वर्स ने 250 से ज्यादा पदाधिकारियों से लिया 'सेंस'
अस्पताल से सीधे ऑब्जर्वर्स के पास हाथ में ड्रिप की सुई लेकर पार्टी दफ्तर पहुंचीं वार्ड-1 की पार्षद भाविशा पटेल
सूरत। सूरत नगर निगम चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) में अब मेयर, डिप्टी मेयर, स्थायी समिति अध्यक्ष, पक्ष नेता सहित प्रमुख पदों के चयन को लेकर मंथन तेज हो गया है।
पार्टी द्वारा पदाधिकारियों के चयन के लिए सेंस (रायशुमारी) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके तहत विभिन्न स्तर के नेताओं और जनप्रतिनिधियों से राय ली जा रही है।
इसी दौरान शनिवार सूबह उधना स्थित भाजपा कार्यालय में एक भावुक और अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब वार्ड नंबर 1 से निर्वाचित पार्षद भाविशाबेन पटेल अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद हाथ में सुई लगी अवस्था में सीधे ऑब्जर्वर के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचीं। उनकी यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और कार्यकर्ताओं में पार्टी के प्रति समर्पण और निष्ठा को दर्शा रही हैं।
मीडिया से बातचीत में भाविशाबेन पटेल ने कहा कि वे पिछले दो दिनों से अस्पताल में थीं, लेकिन पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारी को निभाना उनका कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी पद की दावेदार नहीं हैं और पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वह उन्हें स्वीकार होगा।
पार्टी हाईकमान की ओर से सूरत में तीन ऑब्जर्वर—शब्दशरण ब्रह्मभट्ट, जानवी व्यास और पूर्व राज्य मंत्री मयूर रावल—को नियुक्त किया गया है। ये सभी ऑब्जर्वर भाजपा कार्यालय में बैठकर पार्षदों, संगठन के पदाधिकारियों, वार्ड अध्यक्षों, विधायकों और सांसदों सहित विभिन्न वर्गों के करीब 200 से 250 लोगों से व्यक्तिगत रूप से राय ले रहे हैं।
सूरत शहर भाजपा अध्यक्ष परेश पटेल ने बताया कि पार्टी की परंपरा के अनुसार हर कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि की राय को महत्व दिया जाता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से लोकतांत्रिक तरीके से योग्य नेतृत्व का चयन किया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में शहर के विकास को गति देने की क्षमता, प्रशासनिक समझ, जनसंपर्क और लोकप्रियता जैसे मानकों को प्रमुखता दी जाएगी।
इस बार मेयर, डिप्टी मेयर, स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन और रूलिंग पार्टी लीडर सहित चार प्रमुख पदों के साथ-साथ नगर शिक्षा समिति के लिए भी नामों पर विचार किया जा रहा है। प्रत्येक वार्ड के समीकरण और संतुलन को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत पैनल तैयार करने की कवायद जारी है।
रायशुमारी पूरी होने के बाद ऑब्जर्वर अपनी रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश नेतृत्व को सौंपेंगे, जिसके आधार पर अंतिम पैनल तय किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में सूरत के नए मेयर और अन्य पदाधिकारियों के नामों पर अंतिम मुहर लगेगी।
सूरत में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी शहर के पहले नागरिक यानी मेयर के रूप में किस चेहरे को आगे करती है।
पुराने और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है, लेकिन कार्यकर्ताओं का उत्साह यह संकेत दे रहा है कि संगठन एक बार फिर मजबूत नेतृत्व के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
