सूरत : नगर निगम चुनाव में भाजपा की120 में से 115 सीटों पर ऐतिहासिक जीत, आप 4 और कांग्रेस 1 सीट पर सिमटी
तीन दशक बाद फिर विपक्ष लगभग साफ, दलबदल और बयानबाज़ी से नाराज़ दिखे मतदाता
सूरत। सूरत नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 120 में से 115 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस प्रचंड बहुमत के साथ शहर की राजनीति में भाजपा का दबदबा और मजबूत हो गया है।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और मंत्री प्रफुल पानशेरिया सहित वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में पार्टी ने यह बड़ी सफलता हासिल की। चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं ने भीषण गर्मी के बावजूद घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क किया और सरकारी योजनाओं व विकास कार्यों की जानकारी दी।
इस जीत के साथ ही सूरत नगर निगम के सभी 30 वार्डों में भाजपा का परचम लहराया है। गुजरात में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भी भाजपा ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को कड़ी टक्कर देते हुए बढ़त बनाई है।
चुनाव परिणामों के बाद सूरत में एक बार फिर ऐसी राजनीतिक स्थिति बनी है, जहां नगर निगम में प्रभावी विपक्ष नजर नहीं आ रहा। नियमों के अनुसार, विपक्ष के नेता का दर्जा पाने के लिए कम से कम 10 प्रतिशत सीटें जरूरी होती हैं, लेकिन इस बार कोई भी विपक्षी दल इस आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया।
ऐसी ही स्थिति वर्ष 1995 में भी देखने को मिली थी, जब भाजपा ने 99 में से 98 सीटें जीतकर विपक्ष को लगभग समाप्त कर दिया था। बाद के वर्षों में कांग्रेस और फिर आम आदमी पार्टी ने कुछ चुनावों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन इस बार दोनों ही दल कमजोर साबित हुए।
चुनाव में कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को हार का सामना करना पड़ा, जिसमें आम आदमी पार्टी के जनरल सेक्रेटरी मनोज सोरठिया भी शामिल हैं। परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा के विजयी उम्मीदवारों ने शहर में विजय रैली निकालकर जीत का जश्न मनाया।
इस प्रचंड जनादेश के साथ अब सूरत नगर निगम में भाजपा का एकतरफा शासन देखने को मिलेगा।
1995 के बाद पहली बार नहीं होगा कोई आधिकारिक विपक्ष
सूरत नगर निगम चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए लगातार सातवीं बार सत्ता पर कब्जा जमा लिया है। इस बार पार्टी ने 115 सीटें जीतकर सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जबकि विपक्ष लगभग पूरी तरह सिमट गया है।
चुनाव परिणामों के अनुसार, आम आदमी पार्टी (आप) को सिर्फ 4 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जबकि कांग्रेस लंबे समय बाद महज 1 सीट जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकी। इस नतीजे के साथ ही 1995 के बाद पहली बार सूरत नगर निगम में कोई आधिकारिक विपक्ष नहीं होगा, क्योंकि नियमों के मुताबिक विपक्ष का दर्जा पाने के लिए कम से कम 7 सीटें आवश्यक होती हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस चुनाव में मतदाताओं ने दलबदल और नेताओं की बयानबाज़ी को नकार दिया। खासतौर पर आप को बड़ा नुकसान तब हुआ जब पिछली टर्म में उसके कई जीते हुए कॉर्पोरेटर भाजपा में शामिल हो गए थे। इससे जनता में नाराज़गी बढ़ी और पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ।
हालांकि आप की सभाओं में भीड़ देखने को मिली, लेकिन यह समर्थन वोटों में तब्दील नहीं हो सका। इसके विपरीत, भाजपा की “साइलेंट वोटिंग” रणनीति और मजबूत संगठनात्मक ढांचा चुनाव में निर्णायक साबित हुआ।
अब नगर निगम में भाजपा का एकछत्र राज होगा और प्रशासनिक स्तर पर सभी फैसले उसी के हाथ में रहेंगे। करीब 11 हजार करोड़ रुपये के बजट वाली सूरत नगर निगम में विपक्ष के अभाव में सत्ता पक्ष की जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
इन नतीजों से यह साफ है कि सूरत की जनता ने विकास के मुद्दे पर भाजपा पर अपना भरोसा बरकरार रखा है, जबकि विपक्षी दलों को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।
पांच साल बाद कांग्रेस ने खोला खाता, आप 4 सीटों पर सिमटी
सूरत में हुए महानगरपालिका चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। कुल 120 सीटों में से भाजपा ने 115 सीटों पर विजय हासिल कर प्रचंड बहुमत प्राप्त किया। चुनाव परिणामों में विपक्ष पूरी तरह बिखरा नजर आया।
इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की मजबूत रणनीति और संगठनात्मक क्षमता साफ तौर पर देखने को मिली। वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लंबे समय बाद अपना खाता खोलने में सफल रही, जबकि आम आदमी पार्टी केवल 4 सीटों पर सिमट गई।
गौरतलब है कि पिछले महानगरपालिका चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 27 सीटें जीतकर मजबूत विपक्ष के रूप में उभरकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, जबकि कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल पाया था। उस समय भाजपा ने 93 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार के नतीजों में भाजपा ने अपना प्रदर्शन और बेहतर करते हुए विपक्ष को लगभग खत्म कर दिया है।
चुनाव परिणामों से स्पष्ट है कि भाजपा का बूथ स्तर तक का नेटवर्क, माइक्रो प्लानिंग और मतदाता संपर्क अभियान बेहद प्रभावी रहा। पेज कमेटी मॉडल और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी का सीधा असर मतदान प्रतिशत और चुनाव नतीजों में देखने को मिला।
उल्लेखनीय है कि सूरत महानगरपालिका पर पिछले लगभग 30 वर्षों से भाजपा का कब्जा बना हुआ है। इस बार की प्रचंड जीत के साथ पार्टी ने नगर सत्ता में अपना वर्चस्व एक बार फिर मजबूत कर लिया है। विपक्षी दलों के कमजोर प्रदर्शन ने शहर की राजनीति में भाजपा की पकड़ को और अधिक सशक्त बना दिया है।
नगर निगम चूनाव में विजयी प्रत्याशियों की सूची ( 115 सीटों पर भाजपा, 4 आप , 1 कांग्रेस)
1-जहांगीरपुरा-वरियाव-छापराभाठा-कोसाड: भाविशा पटेल, नैना डोबरिया, विजयभाई अशोकभाई भाटिया, राजेंद्र गोवन पटेल
2-अमरोली-मोटा वराछा-कठोर: चंद्रिका अनिल आसोदरिया, मनीषा प्रफुल खेर, जैनेश जादव, मनु बलर
3-वराछा-सरथाना-सिमाडा-लसकाना: मीता संजय मकवाना, काव्या अल्पेश पटेल, विशालभाई ईश्वर राठौड़, सुरेश धामेलिया
4 कापोद्रा : हेतल राजेश परमार, हंसाबेन गजेरा, अरविंदभाई काकडीया, महेशभाई काकडीया
5-फूलपाड़ा-अश्विनीकुमार: जयश्री मनहर वोरा, स्वाति राकेश पटेल, डॉ. विक्रम (विष्णु) अमथा देसाई, महेंद्र दकू देसाई
6-कतारगाम: जयश्री राजन वरिया, केता ग्रीनिस देसाई, दक्षेश किशोर मावाणी, रमेश लाभू बोरड
7-कतारगाम-वेड: सोनू अनिलकुमार आंबलिया, देवयानी ठुम्मर, ईश्वर मधु नारोला, रघु वालजी खूंट
8-डभोली-सिंगनपोर : वंदना ठाकरिश घोघारी, माया ईश्वरलाल पाटिल, भूपेंद्र सुखदेव राठौड़, परेश साकरिया
9-रांदेर-जहांगीराबाद-पालनपुर: हिना टांक, नैन्सी शशिकांतभाई शाह, राजनभाई बकुल पटेल, दिग्विजय सिंह बोराड
10-अडाजन-पाल-इच्छापुर: मीनाक्षी समीर पपैया, उर्वशी निरव पटेल, राजू रतिलाल प्रियदर्शी, नीलेश सुरेश पटेल
11-अडाजन-गोराट: अल्पा मेहता, वैशाली देवांग शाह, परिमल चांसिया, हर्ष अशोक मेहता
12-नानावट-सैयदपुरा कुबेरनगर महिधरपुरा: हेमाक्षी रवीशकुमार चौहान, आरती हेनिश पटेल, किशोर बाबू मीयानी, अरशद जीरावाला (कांग्रेस)
13-वाड़ी फलिया-नवापुरा-बेगमपुरा-सलाबतपुरा: मोहिनी दामोदरदास राठौड़, मनिषा मुकेश महात्मा, संदीप मुकेश चलकवाला, संजय बंसीलाल दलाल
14-उमरवाड़ा-मातावाड़ी: सरोज कल्पेशभाई पटेल, माया धर्मेंद्र मावानी, सतीश उका मैसूरिया, अनिल मगन सोजित्रा
15-करंज-मगोब : मानिषा भीमजी अहीर, रूपा भार्गवभाई पंड्या, धर्मेश हरि भालाडा, महेश कुमार धीरू मकवाणा
16-पुणा (पश्चिम): संगीता दिनेश परमार, रीटा जयंती पटोडीया, विक्रम हरसुख देगाम, जगदीश जेठा सुतरिया
17-पुणा (पूर्व): अस्मिता धोराजीया, रचना हिरपरा, पंकज चावड़ा, धर्मेश भंडेरी ( चारों आम आदमी पार्टी )
18-लिबायत-पर्वत-कुंभरिया: विधि छन्ना राठौड़, हिना संजय कुमार वाछानी, दीपक सागर रबारी, दिनेश राजपुरोहित
19-आंजना-डुंभाल: अनीता मनिष राणा, जयश्री रमनलाल पटेल, रमेश अंबाराम पटेल, अशोक कुमार मांगीलाल शाह
20-खटोदरा-मजुरा-सगरामपुरा: प्रतिभा सौरभ देसाई, हिना जयप्रकाश टालिया, राजेश नटवरलाल राणा, रजनीश गुणवंतराय देसाई
21-सोनी फलिया-नानपुरा-अठवा-पिपलोद : सुमन विमल गर्ग, डिंपल चेतनभाई कापड़िया, अशोक धनेश रांदेरिया, वृजेश भरतभाई उनडकट
22-भटार-वेसु डुमस : शीतल प्रतीककुमार पटेल, रश्मि गिरधारी साबू, दिपेश चंदूलाल पटेल, हिमांशु प्रवीणसिंह राउलजी
23-बमरोली-उधना(उत्तर) : गीताबेन रबारी, उर्मिलाबेन त्रिपाठी, डॉ. दीनानाथ महाजन, देवेंद्र बोकड़िया
24-उधना (दक्षिण) : भावनाबेन शाह, मायाबेन बारड़, केयूरमाई पटेल, रवींद्र खैरनार,
25-लिंबायत-उधना यार्ड : कविता एनागंदुला, सुष्मा युवराजभाई पाटिल, संजय केशव पाटिल, जयेश पुरुषोत्तम चांदेकर
26-गोडादरा-डिंडोली (उत्तर) : वर्षा मयुर बलदानिया, अलका अनिल पाटिल, अमितसिंह जमनासिंह राजपूत, डॉ. नरेन्द्र पाटिल
27-डिंडोली (दक्षिण) : प्रतिभा पटेल, अंजलि शुभम उपाध्याय, भाईदास सीताराम पाटिल, सुधाकर लोटनभाई चौधरी
28-पांडेसरा-भेस्तान: राजकुंवर मनोहरसिंह राठौड़, कामिनी स्नेहा पटेल, मनिष चिमन पटेल, पंकज तुलसीराम जाधव
29-अलथान-बमरोली-वडोद: सुधा राजेश पांडेय, सुहानी सूरज यादव, मेहुल कांतिलाल पटेल, धर्मेंद्र कुमार मफतलाल पटेल
30-कनसाड-सचिन-उन-आभवा: रीनासिंह अजीतसिंह राजपूत, आरती दीपक चौधरी, भरतभाई अरविंद पटेल, चिराग सोलंकी
