सूरत : पूर्व मेयर और पूर्व विधायक डॉ. कनुभाई मावाणी का निधन, शहर में शोक की लहर
चार बेटियों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई; केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल समेत राजनीतिक, सामाजिक और शिक्षा जगत की हस्तियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
सूरत : सूरत शहर के पूर्व मेयर, पूर्व विधायक तथा सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति डॉ. कनुभाई मावाणी का 81 वर्ष की आयू में निधन हो गया। उनके निधन से राजनीतिक, सामाजिक और शिक्षा जगत में शोक की लहर फैल गई है। समाज सेवा, शिक्षा और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद करते हुए विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया।
लंबे समय से किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित डॉ. मावाणी डायलिसिस पर थे। शुक्रवार, 8 मई को उनके निधन के बाद परिवार और शुभचिंतकों में शोक का माहौल छा गया।
9 मई को सूबह अंतिम संस्कार के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिले, जब उनकी चारों बेटियों ने अपने पिता के पार्थिव शरीर को कंधा देकर अंतिम विदाई दी। नम आंखों से बेटियों ने पिता को विदा कर मानो बेटे का फर्ज निभाया। इस भावुक क्षण ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।
अंतिम संस्कार में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, सूरत शहर भाजपा अध्यक्ष परेशभाई पटेल, पूर्व मेयर दक्षेश मावाणी सहित कई राजनीतिक और सामाजिक नेता उपस्थित रहे। हीरा उद्योग से जुड़े अग्रणी उद्योगपति दिनेश नवाडिया ने भी दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
डॉ. कनुभाई मावाणी ने अपने सार्वजनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आयुर्वेदिक चिकित्सक और कॉलेज प्रिंसिपल के रूप में करियर की शुरुआत करने वाले डॉ. मावाणी बाद में राजनीति और शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहचान बनाने में सफल रहे।
मेयर के रूप में 2005 से 2007 के दौरान उन्होंने सूरत शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया, जबकि 1990 में विधायक के रूप में विधानसभा में सूरत के लोगों के मुद्दों को मजबूती से उठाया।
शिक्षा क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी के कुलपति के रूप में 1999 से 2005 तक उन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता और छात्र हितों को प्राथमिकता देने वाले कई निर्णय लिए। वे श्री स्वामी आत्मानंद सरस्वती शिक्षण संस्थान के ट्रस्टी रहे और तापी डिप्लोमा इंजीनियरिंग कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से ट्रस्टी के रूप में जुड़े रहे और वराछा सहित आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. मावाणी के मार्गदर्शन में हजारों विद्यार्थियों ने तकनीकी और उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य संवारा। सार्वजनिक जीवन में उनकी सादगी, दूरदर्शिता और शिक्षा के प्रति समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा।
सूरत नगर निगम द्वारा पूर्व महापौर के निधन पर सोमवार को नगर निगम कार्यालय और शिक्षा समिति के सभी स्कूलों को बंद रखा है। आवश्यक सेवा के काम जारी रहेंगे।
