सूरत : ‘प्रॉफिट टू वेल्थ क्रिएशन’ प्रोग्राम, आईपीओ और प्राइवेट फंडिंग पर विशेषज्ञों की अहम सलाह

चैंबर और कुंभट इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के संयुक्त आयोजन में एंटरप्रेन्योर्स को एंटरप्राइज वैल्यू बढ़ाने और कैपिटल मार्केट तक पहुंचने का मार्गदर्शन

सूरत : ‘प्रॉफिट टू वेल्थ क्रिएशन’ प्रोग्राम, आईपीओ और प्राइवेट फंडिंग पर विशेषज्ञों की अहम सलाह

सूरत। एंटरप्रेन्योर्स को प्रॉफिट से आगे बढ़कर वेल्थ क्रिएशन की दिशा में प्रेरित करने के उद्देश्य से सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और कुंभट इन्वेस्टमेंट बैंकिंग ने संयुक्त रूप से ‘प्रॉफिट टू वेल्थ क्रिएशन’ विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। यह आयोजन अवध यूटोपिया में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में उद्योगपति, उद्यमी और निवेशकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य व्यवसायियों को पारंपरिक लाभ तक सीमित न रहकर प्राइवेट इक्विटी और आईपीओ जैसे संरचित फंडिंग विकल्पों के जरिए एंटरप्राइज वैल्यू बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना था।

चैंबर के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने स्वागत भाषण में कहा कि सूरत हमेशा से उद्यमिता का केंद्र रहा है, लेकिन अब समय है कि व्यवसाय ‘प्रॉफिट’ से आगे बढ़कर ‘वेल्थ क्रिएशन’ पर ध्यान दें।

कुंभट एडवाइजर्स के फाउंडर और सीएमडी नीरज कुंभट ने सूरत के मजबूत बिजनेस इकोसिस्टम और इसकी ग्रोथ संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अगले चरण की वृद्धि के लिए व्यवसायों को संस्थागत ढांचे में लाना और कैपिटल मार्केट से जुड़ना आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित पैनल डिस्कशन में देवेन चोकसी ने निवेशकों के नजरिए, कैपिटल एलोकेशन और लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन पर विस्तार से चर्चा की। वहीं दूसरे सत्र में गिरीश लूथरा, ध्रुव लूथरा और विनीत राय ने प्राइवेट इक्विटी फंडिंग के विभिन्न पहलुओं—कब, क्यों और कैसे—पर मार्गदर्शन दिया।

विशेषज्ञों ने बताया कि प्राइवेट इक्विटी निवेश न केवल पूंजी उपलब्ध कराता है, बल्कि व्यवसाय और प्रबंधन की गुणवत्ता का बाहरी प्रमाण भी देता है।

कार्यक्रम के अंतिम सत्र में अश्विन देसाई और केतन जोटा ने आईपीओ के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पब्लिक लिस्टेड कंपनी बनने से क्रेडिबिलिटी बढ़ती है, पूंजी तक पहुंच आसान होती है और बिजनेस में प्रोफेशनल गवर्नेंस आता है, हालांकि इसके साथ पारदर्शिता और नियामकीय मानकों को बनाए रखने की चुनौतियां भी जुड़ी होती हैं।

इस आयोजन में इंडस्ट्रियलिस्ट, एंटरप्रेन्योर्स और एचएनआई निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को प्राइवेट और पब्लिक मार्केट फंडिंग के बारे में व्यावहारिक जानकारी मिली।

कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम प्रॉफिटेबल बिजनेस से वैल्यू-ड्रिवन एंटरप्राइज की ओर बढ़ने के लिए एक प्रभावी मंच साबित हुआ, जिसने सूरत के उद्यमियों को कैपिटल मार्केट में प्रवेश के लिए नई दिशा और स्पष्ट दृष्टिकोण प्रदान किया।

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