सूरत : पीएसआई भर्ती परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न, 20 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
69 केंद्रों पर दो सत्रों में आयोजन, सीसीटीवी निगरानी और कड़े इंतज़ाम; पुलिस ने जरूरतमंद अभ्यर्थियों की की मदद
सूरत। गुजरात पुलिस में भर्ती के लिए पुलिस सब-इंस्पेक्टर (पीएसआई) कैडर की लिखित परीक्षा रविवार, 19 अप्रैल 2026 को सूरत जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई। परीक्षा में शामिल होने के लिए करीब 20,700 अभ्यर्थी शहर के विभिन्न केंद्रों पर पहुंचे।
पूरे शहर में 69 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जहां कुल 690 ब्लॉकों में बैठने की व्यवस्था की गई। प्रत्येक ब्लॉक में केवल 30 अभ्यर्थियों को बैठाया गया, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके।
प्रशासन ने सुविधा के लिए सूरत जिले को दो जोन में विभाजित किया था, जिसमें प्रमुख केंद्रों से पूरे परीक्षा संचालन की निगरानी की गई। परीक्षा दो सत्रों में आयोजित हुई—पहला सत्र सुबह 9:30 से दोपहर 12:30 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 3:00 से शाम 6:00 बजे तक चला।
सुरक्षा के लिहाज से 31 संवेदनशील मार्गों के जरिए प्रश्नपत्रों को कड़ी निगरानी में केंद्रों तक पहुंचाया गया। सभी परीक्षा केंद्रों को अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों से कवर किया गया, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की गई।
इस बीच, परीक्षा के दौरान पुलिस का मानवीय चेहरा भी देखने को मिला। एक अभ्यर्थी गलत केंद्र पर पहुंच गया था, जिसे पुलिस ने समय रहते सरकारी वाहन से सही केंद्र तक पहुंचाया। वहीं, एक अन्य अभ्यर्थी अपना कॉल लेटर भूल गया था, जिसे पुलिस ने तुरंत सहायता देकर समय पर परीक्षा दिलवाई।
गुजरात पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा आयोजित इस परीक्षा में राज्यभर में पीएसआई कैडर के 858 पदों के लिए चार शहरों—अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट—में परीक्षा ली गई। इससे पहले हुए फिजिकल टेस्ट में 2.47 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया था, जिनमें से 1,10,680 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा के लिए चयनित हुए।
परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए करीब 4000 पुलिसकर्मियों और 8000 शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को तैनात किया गया था। इसके अलावा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, फेशियल रिकग्निशन तकनीक और जीपीएस ट्रैकिंग जैसे आधुनिक उपायों का भी उपयोग किया गया।
कुल मिलाकर, सख्त सुरक्षा और तकनीकी निगरानी के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई, जिससे अभ्यर्थियों में निष्पक्ष चयन की उम्मीद और मजबूत हुई है।
