सूरत : गौसेवा और छप्पन भोग के साथ धूमधाम से मनाया गया भगवान परशुराम जन्मोत्सव
विप्र फाउंडेशन के आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता, युवा पीढ़ी को धर्म-संस्कृति से जोड़ने का संदेश
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विप्र फाउंडेशन, सूरत द्वारा श्री ॐ नंदेश्वर गौशाला, लाडवी में भगवान परशुराम जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को भगवान परशुराम के शौर्य, तपस्या और गौसेवा के आदर्शों से प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान परशुराम की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। इसके पश्चात विश्व कल्याण की कामना से हवन-यज्ञ आयोजित किया गया, जिसमें यजमान परिवारों ने आहुतियाँ अर्पित कीं।
समारोह का प्रमुख आकर्षण गौमाता के लिए अर्पित छप्पन भोग रहा। विप्र फाउंडेशन महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों ने पूर्व निर्धारित सूची के अनुसार 82 प्रकार के विविध व्यंजन तैयार किए, जिनमें बाजरा खिचड़ी, मूंगदाल खिचड़ी, आटे और सूजी का हलवा, गुड़ की लापसी, तिल के लड्डू, फल, सब्जियाँ, काले चने, राजमा और खल सहित अनेक प्रसाद शामिल थे। प्रातः 9 बजे महाआरती एवं भजन-कीर्तन के आयोजन से पूरा गौशाला परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया।
इस अवसर पर विप्र फाउंडेशन गुजरात प्रदेश अध्यक्ष तोलाराम सारस्वत ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और धर्म स्थापना के प्रतीक हैं तथा गौसेवा उनके जीवन का अभिन्न अंग रही है।
कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्था जिला अध्यक्ष घनश्याम सेवग एवं महामंत्री दिनेश शर्मा के नेतृत्व में की गई। आयोजन में प्रदेश संगठन महामंत्री मीठालाल जोशी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दिनेश दाढ़ी, गुजरात युवा अध्यक्ष गिरधारी सिंह राजपुरोहित सहित अनेक गणमान्यजन, महिला प्रकोष्ठ की पदाधिकारी, मातृशक्ति और युवा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि सभी श्रद्धालु पीले वस्त्रों में उपस्थित हुए, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई।
विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय सदस्य दिनेश शर्मा ने बताया कि संस्था प्रतिवर्ष भगवान परशुराम जन्मोत्सव को सेवा कार्यों के साथ मनाती है, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित हो। उन्होंने कहा कि गौसेवा से बढ़कर कोई पुण्य नहीं है।
