सूरत : नेगेटिविटी से पॉजिटिविटी की ओर: गीता कोर्स ने हज़ारों लोगों की ज़िंदगी बदल दी
तीन दिवसीय आयोजन में 4000 से अधिक लोगों की भागीदारी, भक्ति, ज्ञान और संस्कृति का अनूठा संगम
शहर में आयोजित तीन दिवसीय श्रीमद् भगवद् गीता कोर्स ने हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की नई शुरुआत की। सोशल आर्मी ग्रुप द्वारा 9, 10 और 11 अप्रैल को संपदा फेस्टिविटी स्थल पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में 4000 से अधिक लोगों ने भाग लिया। आयोजन के दौरान पूरे शहर में एक आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला, मानो भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति हर हृदय में बस गई हो।
इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पारसभाई पांधी ने गीता के ज्ञान को सरल और प्रभावशाली शब्दों में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ, किस्मत और परिस्थितियाँ कोई सज़ा नहीं, बल्कि आत्मबोध और विकास का अवसर हैं। उनके विचारों ने उपस्थित लोगों के मन में चल रहे नकारात्मक भावों को दूर कर सकारात्मक सोच की दिशा प्रदान की।
कार्यक्रम के दौरान भक्ति का ऐसा माहौल बना कि उपस्थित लोग भजन-कीर्तन में पूरी तरह भावविभोर हो गए। गुजरात की प्रसिद्ध गायिका उर्वशीबेन रादडिया और गायक ऋषभ अग्रवत की मधुर प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वहीं, अमीबेन पटेल और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत श्रीकृष्ण आधारित नृत्य ने दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति कराई, मानो मंच पर कृष्ण लीला सजीव हो उठी हो।
आयोजन में समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए सकारात्मक दिशा देने वाला प्रयास बताया। इस गीता कोर्स का उद्देश्य स्पष्ट था—आज के भौतिकवादी युग में जहां धन को ही सफलता का पैमाना माना जाता है, वहीं गीता के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सच्ची सफलता ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक विचारों में निहित है।
कार्यक्रम की विशेषता इसका निस्वार्थ भाव रहा। आयोजन स्थल पर गौसेवा के लिए एक छोटी गौशाला की व्यवस्था, निरंतर पूजा-अर्चना और विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वेदघोष ने पूरे वातावरण को दिव्य और पवित्र बना दिया।
तीन दिवसीय इस आयोजन में दूसरे दिन लाजिम नृत्य और अंतिम दिन ढोल-ताशों की गूंज ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। इस दौरान हजारों लोगों ने न केवल गीता का ज्ञान सुना, बल्कि उसे अपने जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बनकर उभरा।
