सूरत मनपा चुनाव: भाजपा की ‘सेंसिंग’ प्रक्रिया शुरू, दावेदारों की लगी भीड़
तीन दिन तक चलेगी उम्मीदवार चयन प्रक्रिया, पहले दिन 12 वार्डों की राय सुनी गई
सूरत महानगरपालिका चुनाव को लेकर शहर में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार से उम्मीदवारों के चयन के लिए ‘सेंसिंग’ प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत कर दी है। उधना स्थित पार्टी कार्यालय में सुबह से ही कार्यकर्ताओं और दावेदारों की भारी भीड़ देखी गई। पहले चरण में वार्ड नंबर 1 से 12 तक के इच्छुक उम्मीदवारों की राय ली गई।
सूरत महानगरपालिका के कुल 30 वार्डों के लिए उम्मीदवारों के चयन की यह प्रक्रिया तीन दिन तक चलेगी। पार्टी द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर प्रत्येक वार्ड के दावेदारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी राय ले रहे हैं। उधना कार्यालय में चार अलग-अलग समूहों में कुल 12 ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं, जो इस पूरी प्रक्रिया को संचालित कर रहे हैं।
शहर भाजपा अध्यक्ष परेश पटेल ने बताया कि पार्टी में उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी पारिवारवाद को बढ़ावा नहीं देती और एक ही परिवार के दो सदस्यों को टिकट नहीं दिया जाएगा। हालांकि, मौजूदा पार्षदों को दोबारा मौका मिलेगा या नहीं, इस पर उन्होंने टिप्पणी करने से परहेज किया।
राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो पहले दिन जिन 12 वार्डों की राय ली गई, उनमें से 7 वार्ड पाटीदार मतदाताओं से प्रभावित हैं। मोटा वराछा, सरथाना, कापोदरा, फूलपाड़ा, कतारगाम और सिंगनपोर जैसे क्षेत्रों में पिछली बार आम आदमी पार्टी ने भाजपा को कड़ी चुनौती दी थी, ऐसे में इस बार पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
इसी बीच, पाटीदार आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता धार्मिक मालवीया ने वार्ड नंबर 2 से भाजपा टिकट के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। वे पहले ओलपाड सीट से भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन अब भाजपा के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
वहीं, सूरत की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम अल्पेश कथीरिया की पत्नी काव्या कथीरिया की एंट्री से सामने आया है। काव्या कथीरिया ने वार्ड नंबर 3 से भाजपा से टिकट के लिए दावा पेश किया है। वे कनकपुर-कनसाड नगरपालिका की पूर्व उपाध्यक्ष रह चुकी हैं, जिससे उन्हें प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिल सकता है। आने वाले दो दिनों में बाकी वार्डों के दावेदारों की राय ली जाएगी, जिसके बाद भाजपा अपने उम्मीदवारों की अंतिम सूची घोषित करेगी।
