सूरत : न्यू सिविल हॉस्पिटल में 91वां सफल अंगदान: ब्रेन-डेड मानसिंह के अंगों से तीन लोगों को मिला जीवन

उत्तर प्रदेश के मजदूर के परिवार ने दिखाई मानवता, लिवर और दोनों किडनी दान कर बचाई जिंदगियां

सूरत : न्यू सिविल हॉस्पिटल में 91वां सफल अंगदान: ब्रेन-डेड मानसिंह के अंगों से तीन लोगों को मिला जीवन

सूरत।सूरत एक बार फिर ‘ऑर्गन डोनर सिटी’ के रूप में अपनी पहचान पर खरा उतरा है। न्यू सिविल हॉस्पिटल में 91वां सफल अंगदान संपन्न हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश के 40 वर्षीय ब्रेन-डेड मरीज मानसिंह राधेश्याम सिंह के अंगों से तीन जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी मिली।

मूल रूप से प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले मानसिंह ट्रक चालक थे और अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। 17 मार्च को व्यारा के पास रेत से भरे ट्रक पर तिरपाल बांधते समय उन्हें अचानक बिजली का करंट लग गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। उन्हें पहले व्यारा सिविल अस्पताल और बाद में हालत गंभीर होने पर सूरत के न्यू सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

20 मार्च 2026 को डॉक्टरों की टीम—RMO डॉ. केतन नायक, डॉ. नीलेश कछड़िया, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. जय पटेल , न्यूरोसर्जन डॉ. केयूर प्रजापति और गुजरात नर्सिंग काउंसिल के वाइस प्रेसिडेंट इकबाल कड़ीवालाने जांच के बाद मानसिंह को ब्रेन-डेड घोषित किया। इसके बाद चिकित्सा टीम और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परिवार को अंगदान के महत्व के बारे में समझाया।

मानवता का परिचय देते हुए परिवार ने अंगदान के लिए सहमति दी। मरीज की पत्नी पुष्पा सिंह ने भावुक शब्दों में कहा कि किसी को नई जिंदगी देने से बड़ा पुण्य कोई नहीं होता। परिवार के इस निर्णय से मानसिंह का लिवर और दोनों किडनी दान की गईं, जिन्हें अहमदाबाद के ओपल अस्पताल भेजा गया।

अंगदान की पूरी प्रक्रिया डॉ. धारित्री परमार के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इसमें डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, सुरक्षा कर्मियों और वॉलंटियर्स की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस प्रेरणादायक पहल ने एक बार फिर यह साबित किया कि कठिन समय में भी मानवीय संवेदनाएं सबसे बड़ी ताकत होती हैं।

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