सूरत : उधना स्टेशन भगदड़ पर रेलवे का यू-टर्न? जीएम बोले— “कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ”
देशभर में आलोचना के बीच वेस्टर्न रेलवे के जनरल मैनेजर ने किया बचाव; यात्रियों ने उठाए सिस्टम और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल
सूरत। उधना रेलवे स्टेशन पर रविवार को हुई भगदड़ और अफरा-तफरी की घटना अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और आलोचना का विषय बन गई है। यात्रियों के साथ कथित लाठीचार्ज और अव्यवस्था को लेकर रेलवे प्रशासन और पुलिस सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच सोमवार को वेस्टर्न रेलवे के जनरल मैनेजर रामाश्रय पांडे उधना स्टेशन पहुंचे और पूरे मामले पर रेलवे का पक्ष रखा।
जनरल मैनेजर ने घटना को लेकर उठ रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यात्रियों पर किसी प्रकार का लाठीचार्ज नहीं किया गया। उनके अनुसार, सोशल मीडिया पर जो वीडियो सामने आए हैं, उनमें आरपीएफ जवान लाठियां चला रहे हैं, लेकिन वह यात्रियों पर नहीं बल्कि फेंसिंग पर लग रही थीं। उन्होंने इसे “गलत नैरेटिव” करार दिया।
हालांकि, इस बयान के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों का कहना है कि जब स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ी थी, तब पर्याप्त व्यवस्थाएं क्यों नहीं थीं? पीने के पानी, लाइन मैनेजमेंट और सुरक्षा इंतज़ामों की कमी ने हालात को और बिगाड़ दिया। ऐसे में, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग कितना उचित था, इस पर भी बहस छिड़ गई है।
घटना के बाद देशभर में रेलवे सिस्टम की आलोचना हो रही है, लेकिन अधिकारियों के बयान से यह संकेत मिल रहा है कि प्रशासन इस पूरे मामले को सामान्य दिखाने की कोशिश कर रहा है। यात्रियों और आम जनता का मानना है कि इस तरह की घटनाओं पर जवाबदेही तय करने और सुधारात्मक कदम उठाने की ज़रूरत है।
वहीं, सोमवार को उधना रेलवे स्टेशन का माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। जहां रविवार को भारी भीड़ और अफरा-तफरी थी, वहीं अगले दिन स्टेशन पर सामान्य स्थिति और सन्नाटा देखने को मिला।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर रेलवे की भीड़ प्रबंधन व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
