सूरत : टेक्निकल टेक्सटाइल और स्पोर्टटेक सेक्टर के लिए नए अवसरों पर मार्गदर्शन

चैंबर ऑफ कॉमर्स के सेशन में एक्सपर्ट्स ने एंटरप्रेन्योर्स को MMF और एक्टिववियर में संभावनाएं समझाईं

सूरत : टेक्निकल टेक्सटाइल और स्पोर्टटेक सेक्टर के लिए नए अवसरों पर मार्गदर्शन

सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा टेक्निकल टेक्सटाइल, MMF (मैन मेड फाइबर), स्पोर्टटेक और एक्टिववियर सेक्टर में उभरते अवसरों पर एक विशेष सेशन का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम 9 अप्रैल, 2026 को नानपुरा स्थित समृद्धि में आयोजित हुआ, जिसमें मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल्स, ऑफिस ऑफ द टेक्सटाइल कमिश्नर, ITADC सूरत और कॉन्सेप्ट्स एन स्ट्रैटेजीज का सहयोग रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत में चैंबर के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए टेक्निकल टेक्सटाइल और स्पोर्टटेक जैसे नए क्षेत्रों में बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डाला और उद्योगपतियों को इन क्षेत्रों में आगे आने के लिए प्रेरित किया।

ITADC, सूरत के असिस्टेंट डायरेक्टर निलय पंड्या ने टेक्निकल टेक्सटाइल और MMF सेक्टर में सरकार की विभिन्न योजनाओं, नीतियों और सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

एक्सपर्ट स्पीकर के रूप में किशन कुमार डागा ने वैश्विक स्तर पर टेक्निकल टेक्सटाइल और स्पोर्टटेक सेक्टर में बढ़ती मांग और सूरत के लिए मौजूद अवसरों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि यह सेक्टर भविष्य में तेजी से विकसित होगा और स्थानीय उद्योगपतियों के लिए नए द्वार खोलेगा। साथ ही उन्होंने इनोवेशन, क्वालिटी, रिसर्च एवं डेवलपमेंट और आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया।

कॉन्सेप्ट्स एन स्ट्रैटेजीज की सीनियर कंसल्टेंट सुश्री अंबिका कुमारी ने इंडस्ट्रियलिस्ट्स को टेक्निकल टेक्सटाइल सेक्टर में प्रवेश के लिए आवश्यक रणनीति, मार्केट स्टडी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट की जानकारी दी। उन्होंने सरकारी योजनाओं, एक्सपोर्ट प्रमोशन और क्लस्टर डेवलपमेंट इनिशिएटिव का लाभ उठाने की भी सलाह दी।

कार्यक्रम का संचालन चैंबर के GFRRC के को-चेयरमैन अमरीश भट्ट ने किया, जबकि टेक्निकल टेक्सटाइल कमेटी के चेयरमैन परेश थुमर ने स्पीकर्स का परिचय कराया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में इंडस्ट्रियलिस्ट और टेक्सटाइल सेक्टर के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

यह सेशन सूरत के टेक्सटाइल उद्योग के लिए नए क्षेत्रों में विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।