सूरत में ‘टॉयक्रा’ का अनोखा शोरूम बना आकर्षण का केंद्र

महिला उद्यमियों की पहल—खिलौनों, किताबों और गतिविधियों के जरिए बच्चों के सर्वांगीण विकास पर फोकस

सूरत में ‘टॉयक्रा’ का अनोखा शोरूम बना आकर्षण का केंद्र

शहर के वेसू क्षेत्र में स्थित इंटरनेशनल वेल्थ सेंटर में ‘टॉयक्रा’ का नया शोरूम बच्चों और अभिभावकों के लिए एक खास अनुभव बनकर उभरा है। यह महज एक खिलौनों की दुकान नहीं, बल्कि बच्चों के लिए रचनात्मक और शिक्षाप्रद माहौल प्रदान करने वाली एक सोच-समझकर तैयार की गई दुनिया है।

इस शोरूम का संचालन दो महिला उद्यमियों—सोनी चोक्सी और धनाश्री पटेल—द्वारा किया जा रहा है। शोरूम में प्रवेश करते ही सलीके से सजाई गई शेल्फ और सुव्यवस्थित संग्रह ध्यान आकर्षित करता है। यहां हर उत्पाद का चयन गुणवत्ता, टिकाऊपन और बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

टॉयक्रा में लकड़ी के खिलौनों, कौशल विकास वाले गेम्स और सुंदर चित्रों वाली पुस्तकों का विशेष संग्रह उपलब्ध है। साथ ही हॉटव्हील्स और लेगो जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स की विस्तृत रेंज भी यहां मौजूद है, जो बच्चों के साथ-साथ संग्राहकों को भी आकर्षित करती है।

छोटे बच्चों के लिए शोरूम में सुरक्षित और प्रीमियम गुणवत्ता वाले उत्पादों पर विशेष ध्यान दिया गया है। सभी खिलौनों की डिजाइनिंग सरल, सुरक्षित और शैक्षणिक दृष्टि से उपयोगी है। इसके अलावा बच्चों की किताबों का संग्रह भी विविधता से भरपूर है, जिसमें बोर्ड बुक्स, पिक्चर बुक्स और शुरुआती पाठकों के लिए किताबें शामिल हैं।

शोरूम की एक खास विशेषता इसका एक्टिविटी एरिया है, जहां समय-समय पर वर्कशॉप, स्टोरीटेलिंग सेशन और अन्य रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह स्थान बच्चों के लिए सीखने और रचनात्मकता को बढ़ाने का मंच बन गया है। इसके अलावा ‘रिटर्न गिफ्ट टेबल’ की अनूठी अवधारणा भी यहां देखने को मिलती है, जहां बच्चे अपनी पसंद से उपहार चुन सकते हैं। इससे न केवल अनुभव व्यक्तिगत बनता है, बल्कि अनावश्यक अपशिष्ट भी कम होता है।

ग्राहकों की सुविधा के लिए टॉयक्रा मुफ्त होम डिलीवरी की सेवा भी प्रदान करता है। खास बात यह है कि शोरूम में भारत में बने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को प्राथमिकता दी गई है, जो स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। कुल मिलाकर, टॉयक्रा सूरत में बच्चों के लिए एक ऐसा केंद्र बनकर उभरा है, जहां खेल के साथ सीखने और रचनात्मकता को भी समान महत्व दिया जाता है।

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