सूरत : सूरत में ‘स्मार्ट गर्ल सर्टिफिकेशन वर्कशॉप’ सम्पन्न, 120 किशोरियों को मिला सशक्तिकरण का प्रशिक्षण
दो दिवसीय कार्यशाला में आत्मविश्वास, आत्मरक्षा और जीवन कौशल पर मिला मार्गदर्शन
भारतीय जैन संघटना (BJS) सूरत द्वारा किशोरियों के सशक्तिकरण के उद्देश्य से आयोजित “स्मार्ट गर्ल सर्टिफिकेशन वर्कशॉप” का दो दिवसीय कार्यक्रम 16-17 मार्च को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह कार्यशाला LPD सार्वजनिक विद्यालय, पूणागाम मेन रोड, सूरत में आयोजित की गई, जिसमें 13 से 19 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विद्यालय, जो राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सम्मानित संस्थानों में गिना जाता है, शिक्षा, संस्कार और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जाना जाता है। कार्यशाला के दौरान दो दिनों में कुल 12 घंटे की सघन प्रशिक्षण श्रृंखला के माध्यम से प्रतिभागी बालिकाओं को जीवन के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना रहा। इसके अंतर्गत आत्म-जागरूकता, आत्म-सम्मान, आत्म-रक्षा, संवाद कौशल, संबंधों की समझ, महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, सही चुनाव एवं निर्णय क्षमता, मित्रता में सतर्कता तथा अभिभावकों के साथ संवाद जैसे विषयों पर प्रभावी सत्र आयोजित किए गए।

इस कार्यशाला से 120 बालिकाओं को नई ऊर्जा, स्पष्ट सोच और जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली। कार्यक्रम ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ समाज में सशक्त भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यशाला के सफल आयोजन में चेयरमैन भोगुभाई पटेल, वाइस चेयरमैन डॉ. निलेशभाई पटेल और आचार्य विजयभाई पटेल का विशेष सहयोग रहा। वहीं, संचालन में रिद्धिका आहिर, शिवांगभाई पटेल और कृणाल रावल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्मार्ट गर्ल प्रोजेक्ट की नेशनल हेड डॉ. हर्षिता जैन तथा गुजरात हेड रुपाली नीलखे की गरिमामयी उपस्थिति और मार्गदर्शन ने कार्यक्रम में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
BJS सूरत टीम के अध्यक्ष अजय अजमेरा, सचिव हस्तीमल बांठिया एवं आज़ाद संचेती तथा स्मार्ट गर्ल प्रोजेक्ट सूरत हेड निशा सेठिया के नेतृत्व में पूरी टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई। विभिन्न शहरों—पुणे, जोधपुर, वापी, वडोदरा और सूरत से आए प्रशिक्षकों ने अपने अनुभव और समर्पण से बालिकाओं को लाभान्वित किया। इनमें सीमा शिंदे, जागृति काला, मधु देरासरिया, रजनी जैन, मीनाक्षी जैन, मीनाक्षी अग्रवाल, आशिका पटेल, रेनुका वंशिया, सरिता जैन, हेमा बोथरा, लता ललवानी और ललिता चोपड़ा का प्रशिक्षण विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी टीम का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए। यह कार्यशाला किशोरियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायी और सार्थक पहल सिद्ध हुई।
