सूरत : नकली घी का बड़ा रैकेट बेनकाब, पुलिस ने 4.94 लाख रुपये का माल किया जब्त
सोयाबीन तेल और डालडा में केमिकल मिलाकर ‘शुद्ध गाय का घी’ के नाम पर हो रही थी बिक्री
सूरत । शहर में एक बार फिर खाद्य पदार्थों में मिलावट का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने उमरा वेलंजा क्षेत्र में स्थित ‘अवसर प्लाजा’ में छापा मारकर नकली घी बनाने और बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
जांच में पता चला है कि पिछले करीब डेढ़ साल से सोयाबीन तेल और डालडा में केमिकल मिलाकर इसे ‘शुद्ध गाय का घी’ बताकर बाजार में बेचा जा रहा था।
उतराण पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर अवसर प्लाजा में जांच की गई। जांच के दौरान प्लाजा की पहली मंजिल पर स्थित दुकान नंबर 106 और 108 में संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं।
पुलिस ने जब छापा मारा तो पता चला कि दुकान नंबर 106 को आधुनिक मशीनों से लैस नकली घी बनाने की फैक्ट्री में बदल दिया गया था, जबकि बगल की दुकान नंबर 108 का इस्तेमाल तैयार माल को रखने के लिए गोदाम के रूप में किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार नकली घी बनाने का तरीका भी बेहद चौंकाने वाला था। सबसे पहले सोयाबीन तेल और डालडा घी को बड़े बर्तनों में गर्म किया जाता था। इसके बाद असली घी जैसी खुशबू देने के लिए उसमें केमिकल एसेंस मिलाया जाता था।
घी को प्राकृतिक पीला रंग देने के लिए आर्टिफिशियल कलर का इस्तेमाल किया जाता था। तैयार मिश्रण को ‘श्री सहजानंद’ और ‘श्री गजानंद’ जैसे ब्रांड के स्टिकर लगे डिब्बों में पैक कर बाजार में सप्लाई किया जाता था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 4,94,940 रुपये का सामान जब्त किया है। इसमें करीब 583 लीटर तैयार नकली घी, जिसकी कीमत 3.50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है, के अलावा लगभग 2200 खाली और भरे हुए डिब्बे, बड़ी मात्रा में सोयाबीन तेल और डालडा के कंटेनर तथा पैकिंग से जुड़ा सामान जैसे सीलिंग मशीन, वजन कांटा, थर्मामीटर और गैस सिलेंडर शामिल हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह अवैध कारोबार पिछले 18 महीनों से चल रहा था। मामले में दो मुख्य आरोपियों की पहचान की गई है। इनमें 32 वर्षीय निहार भरतभाई मोवलिया, जो सूरत के स्थानीय बाजारों में तैयार नकली घी की सप्लाई करता था, को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
वहीं 30 वर्षीय पीयूष विट्ठलभाई संगानी, जो पूरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का संचालन करता था, फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें तलाश में जुटी हैं।
पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और जब्त किए गए घी के नमूनों को परीक्षण के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब और खाद्य एवं औषधि विभाग को भेजने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही यह भी जांच शुरू कर दी गई है कि किन-किन व्यापारियों को यह नकली घी सप्लाई किया गया था।
पुलिस ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि बाजार से घी खरीदते समय पैकिंग, होलोग्राम और बिल की जांच जरूर करें, क्योंकि बेहद सस्ते दामों पर मिलने वाला घी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
