वडोदरा के इंजीनियर फैजल दूधवाला का अनोखा संग्रह, 82 देशों के ‘1’ मूल्य के नोट जुटाए

लॉकडाउन में शुरू हुआ सफर, दुनिया भर की मुद्राओं में छिपे इतिहास और संस्कृति को सहेजने का प्रयास

वडोदरा के इंजीनियर फैजल दूधवाला का अनोखा संग्रह, 82 देशों के ‘1’ मूल्य के नोट जुटाए

वडोदरा के सिविल इंजीनियर फैजल दूधवाला ने एक साधारण विचार को अनोखे कलेक्शन में बदलते हुए दुनिया भर के 82 देशों के ‘1’ मूल्य के नोट संग्रहित किए हैं। उनके इस संग्रह में एशिया, अफ्रीका, यूरोप, उत्तर और दक्षिण अमेरिका तथा ओशिनिया के कई देशों की मुद्राएं शामिल हैं। खास बात यह है कि इस कलेक्शन में ऐसे देशों के नोट भी शामिल हैं, जो अब अस्तित्व में नहीं हैं या अन्य देशों में विलय हो चुके हैं।

फैसल को बचपन से ही सिक्के, करेंसी और प्राचीन वस्तुएं इकट्ठा करने का शौक था, जिसकी प्रेरणा उन्हें अपने पिता से मिली। हालांकि, उन्होंने इस शौक को गंभीरता से तब अपनाया जब कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के दौरान उन्हें पर्याप्त समय मिला। पिता के संग्रह को देखकर उनकी रुचि और बढ़ी और विदेश में रहने वाले मित्रों की मदद से उन्होंने इस अनूठे कलेक्शन की शुरुआत की।

फैजल के अनुसार ‘1’ संख्या उनके लिए विशेष प्रतीकात्मक महत्व रखती है, जो हर नई शुरुआत का संकेत देती है। उन्होंने बताया कि बढ़ती महंगाई और डिजिटल भुगतान के विस्तार के कारण दुनिया भर में ‘1’ मूल्य के नोट धीरे-धीरे प्रचलन से बाहर होते जा रहे हैं। नेपाल, जापान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में ऐसे नोट जारी करना बंद हो चुका है, जबकि अन्य कई देशों में ये दुर्लभ हो गए हैं, जिससे उनके संग्रह का महत्व और बढ़ जाता है। उनके संग्रह में कतर का फीफा वर्ल्ड कप स्मारक नोट, सऊदी अरब का G20 समिट नोट और फिजी का अनोखा 7 डॉलर का नोट जैसे विशेष और ऐतिहासिक महत्व के नोट भी शामिल हैं।

फैजल का मानना है कि “सबसे छोटा करेंसी नोट भी किसी देश की आर्थिक बुनियाद और वहां के लोगों के जीवन को दर्शाता है।” अपने इस संग्रह के माध्यम से वे समाज को यह संदेश देना चाहते हैं कि छोटी-छोटी चीजों का भी ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक महत्व होता है। कलेक्शन के अलावा फैजल दूधवाला कॉन्सर्ट फोटोग्राफी में भी सक्रिय हैं और विभिन्न सरकारी विभागों के लिए निजी सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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