सूरत में डोनेट लाइफ का 58वां हार्ट डोनेशन, 37 वर्षीय हार्दिक ने बचाईं 6 जिंदगियां

सूरत के मैत्रेय मल्टी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में डोनेट लाइफ का 58 वां हार्ट डोनेशन हुआ, किरण हॉस्पिटल में हुआ पहला हार्ट ट्रांसप्लांट

सूरत में डोनेट लाइफ का 58वां हार्ट डोनेशन, 37 वर्षीय हार्दिक ने बचाईं 6 जिंदगियां

ब्रेन डेड होने के बाद परिवार ने किया अंगदान, हार्ट ट्रांसप्लांट से 30 वर्षीय युवक को मिला नया जीवन, सूरत से देश-विदेश तक अंगदान की मिसाल

सूरत में डोनेट लाइफ संस्था के माध्यम से 58वां हार्ट डोनेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें 37 वर्षीय हार्दिक भरतभाई खुड़खुड़िया ने ब्रेन डेड होने के बाद अपने अंगों के जरिए छह लोगों को नई जिंदगी दी। उनके परिवार के इस निर्णय ने न केवल कई मरीजों को जीवनदान दिया, बल्कि समाज के सामने मानवता की एक प्रेरणादायक मिसाल भी पेश की।

मूल रूप से सुरेंद्रनगर जिले के लिंबडी निवासी और वर्तमान में सूरत के अलथान क्षेत्र में रहने वाले हार्दिक 25 मार्च को पांडेसरा से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान दक्षेश्वर महादेव मंदिर के पास बीआरटीएस बस से हुए हादसे में उन्हें गंभीर सिर की चोट लगी। उन्हें तत्काल 108 एम्बुलेंस से न्यू सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां से आगे के इलाज के लिए मैत्रेय मल्टी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया।

डायग्नोसिस के लिए CT स्कैन किया गया और पता चला कि ब्रेन हेमरेज और ब्रेन में ब्लड क्लॉट है। न्यूरोसर्जन डॉ. जेनिल गुरनानी और डॉ. मेहुल मोदी ने ब्रेन में ब्लड क्लॉट हटाने के लिए क्रेनियोटॉमी कर ब्रेन में जमा खून को दूर किया था। 31 मार्च को न्यूरोसर्जन डॉ. जेनिल गुरनानी, फिजीशियन डॉ. प्रियांक शाह, इंटेंसिविस्ट डॉ. मित नायक और मेडिकल एडमिनिस्ट्रेटर और CEO डॉ. प्रणव ठाकर ने हार्दिक को ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

डॉ. प्रियांक शाह ने डोनेट लाइफ के फाउंडर नीलेश मांडलेवाला से फोन पर संपर्क किया और उन्हें हार्दिक के ब्रेन डेथ के बारे में बताया। डोनेट लाइफ की टीम हॉस्पिटल पहुंची और हार्दिक की पत्नी प्रिया, पिता भरतभाई, मां आशाबेन, भाई मयंकभाई, बहनोई कल्पेशभाई और वैभवभाई, साला वत्सलभाई, ससुर नीलेशभाई, मौसा केतनभाई, चचेरे भाई परेशभाई और खुड़खुड़िया परिवार के दूसरे सदस्यों को ऑर्गन डोनेशन का महत्व और इसकी पूरी प्रक्रिया समझाई।

हार्दिक की पत्नी प्रिया और पिता भरतभाई ने कहा कि मेरे पति/बेटे का ब्रेन डेड हो गया है, उनके अंग राख में बदलने वाले हैं, इसलिए कृपया आगे बढ़ें और मेरे पति/बेटे के सभी अंग दान करें जो ऑर्गन फेलियर के मरीजों को नई जिंदगी देने के लिए दान किए जा सकते हैं। हार्दिक के परिवार में पत्नी प्रिया, उम्र 30, हाउसवाइफ हैं। बेटी टिवशा, उम्र 7, नंदूबा इंग्लिश एकेडमी में सेकंड क्लास में पढ़ रही है, बेटा सारांश, उम्र 2 साल है। पिता भरतभाई, उम्र 70, रिटायर्ड लाइफ जीते हैं। मां आशाबेन, उम्र 67, ब्यूटी पार्लर चलाती हैं।

परिवार से ऑर्गन डोनेशन की मंज़ूरी मिलने के बाद, SOTTO से कॉन्टैक्ट किया गया। SOTTO हार्ट और लिवर सूरत के किरण हॉस्पिटल को और दोनों किडनी HLA रिपोर्ट आने के बाद SOTTO करेगा।

डोनेट किए गए हार्ट का ट्रांसप्लांट मुंबई के 30 साल के आदमी में डॉ. नंदकिशोर कापड़िया, डॉ. विशाल अग्रवाल, डॉ. विकेश रेवड़ीवाला और उनकी टीम ने किया, लिवर ट्रांसप्लांट नासिक के 50 साल के आदमी में डॉ. धर्मेश धानानी, डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. रुचित ज़वेरी और उनकी टीम ने सूरत के किरण हॉस्पिटल में किया। SOTTO द्वारा दोनों किडनी देने के बाद, दो ज़रूरतमंद मरीज़ों में ट्रांसप्लांट किया जाएगा। आँखों का डोनेशन लोक दृष्टि चक्षु बैंक के डॉ. प्रफुल शिरोया ने स्वाकार किया। गौरतलब है कि किरण हॉस्पिटल में पहला हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया।

डोनेट लाइफ़ के ज़रिए हार्ट डोनेशन की यह 58वीं घटना है। डोनेट लाइफ़ के ज़रिए सूरत ने ऑर्गन डोनेशन के क्षेत्र में नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर अहम जगह बनाई है। सूरत से डोनेट किए गए हार्ट, लंग्स, हाथ और छोटी आंतें देश के अलग-अलग शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, इंदौर, अहमदाबाद, बैंगलोर, हैदराबाद, कोलकाता में ट्रांसप्लांट की जा चुकी हैं। इसके अलावा, सूरत ने ऑर्गन डोनेशन के क्षेत्र में इंटरनेशनल लेवल पर भी अपनी पहचान बनाई है।

सूरत से यूक्रेन, UAE, रूस, बांग्लादेश और सूडान के नागरिकों में मुंबई और चेन्नई के हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट किए गए हार्ट, लंग्स और छोटी आंतें ट्रांसप्लांट की जा चुकी हैं। टेक्सटाइल और डायमंड सिटी के नाम से मशहूर सूरत अब देश में ऑर्गन डोनर सिटी के तौर पर मशहूर हो रहा है।

मानवता के इस महायज्ञ में अपने अनमोल अंगों का दान करने वाले पूण्य निष्ठ 37 वर्षीय स्वर्गीय हार्दिक भरतभाई खुडखुडिया के परिवार की डोनेट लाइफ भाव वंदना करता है। हम उनकी सेवा के लिए उनके परिवार का आभार मानते हैं।

1381 अंग व टिश्यू दान से सूरत ने बनाई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान

सूरत में अंगदान की पूरी प्रक्रिया डोनेट लाइफ के संस्थापक एवं अध्यक्ष नीलेश मंडलेवाला के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस मानवीय पहल में स्वर्गीय हार्दिक भरतभाई खुड़खुड़िया के परिवार के सदस्यों—पत्नी प्रिया, पिता भरतभाई, माता आशाबेन, भाई मयंकभाई सहित अन्य परिजनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस प्रक्रिया में चिकित्सा टीम और अस्पताल स्टाफ का भी सराहनीय योगदान रहा। न्यूरोसर्जन डॉ. जेनिल गुरनानी, फिजिशियन डॉ. प्रियांक शाह, इंटेंसिविस्ट डॉ. मित नायक, सीईओ डॉ. प्रणव ठाकर, आरएमओ डॉ. भाविन पटेल, डॉ. हेमाली शाह, रजिस्ट्रार डॉ. नैंसी पटेल, नर्सिंग स्टाफ तथा मैत्रेय हॉस्पिटल प्रशासन के साथ-साथ डोनेट लाइफ के प्रोग्राम अधिकारियों और अन्य सहयोगियों ने पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराया।

डोनेट लाइफ के माध्यम से अब तक कुल 1381 अंग और टिश्यू दान किए जा चुके हैं। इनमें 554 किडनी, 242 लिवर, 58 हृदय, 56 फेफड़े, 9 पैंक्रियास, 11 हाथ, 1 छोटी आंत और 450 आंखें शामिल हैं। इस महत्त्वपूर्ण योगदान के जरिए देश और विदेश में कुल 1273 लोगों को नई जिंदगी और दृष्टि मिल चुकी है। सूरत शहर अंगदान के क्षेत्र में तेजी से अग्रणी बनता जा रहा है और यह पहल समाज में जागरूकता व मानवता की भावना को मजबूत कर रही है।

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