वडोदरा–नागदा रेलखंड पर ‘कवच’ प्रणाली लागू, रेल सुरक्षा को मिलेगा नया आयाम
224.51 किमी मार्ग पर आधुनिक कवच 4.0 की कमीशनिंग, दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में बड़ा कदम
पश्चिम रेलवे ने रेल सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वडोदरा–नागदा खंड पर स्वदेशी ‘कवच’ प्रणाली की कमीशनिंग 30 मार्च 2026 को की। सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग द्वारा यह कार्य नवीनतम संस्करण कवच 4.0 के मानकों के अनुसार पूरा किया गया है, जो इस व्यस्त रेल मार्ग के लिए एक बड़ा तकनीकी उन्नयन माना जा रहा है।
यह प्रणाली कुल 224.51 रूट किलोमीटर (आरकेएम) में लागू की गई है, जिसमें वडोदरा से मंगल महुड़ी (122.5 किमी) तथा पंचपिपलिया से नागदा (102.01 किमी) तक का खंड शामिल है। इस विस्तार से इस पूरे रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन में सुरक्षा और दक्षता दोनों में वृद्धि होगी।
पश्चिम रेलवे द्वारा कवच प्रणाली का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। इससे पहले 30 जनवरी 2026 को 344 किलोमीटर लंबे वडोदरा–विरार खंड पर कवच 4.0 की सफल कमीशनिंग की जा चुकी है। वहीं, दिसंबर 2025 में वडोदरा–अहमदाबाद रेलखंड पर भी इस प्रणाली को लागू किया गया था।
स्वदेशी ‘कवच’ प्रणाली विशेष रूप से मानव त्रुटियों को कम करने के उद्देश्य से विकसित की गई है। यह प्रणाली आपात स्थितियों में स्वतः हस्तक्षेप कर ट्रेन को नियंत्रित करती है, जिससे संभावित दुर्घटनाओं की आशंका में उल्लेखनीय कमी आती है। पश्चिम रेलवे का कहना है कि आधुनिक और स्वदेशी तकनीकों को अपनाकर सुरक्षित, सक्षम और भविष्य उन्मुख रेल नेटवर्क के निर्माण के लिए वह निरंतर प्रयासरत है।
