वडोदरा : डिजिटल जनगणना की तैयारी तेज, 34 सवालों पर आधारित होगी प्रक्रिया
हाउस लिस्टिंग ऐप से होगी बिना पेन-पेपर जनगणना, अधिकारियों को दी जा रही विशेष ट्रेनिंग
वडोदरा जिला प्रशासन आगामी जनगणना की तैयारियों में जुट गया है। जनगणना की मुख्य प्रक्रिया शुरू होने से पहले कर्मचारियों और सुपरवाइज़रों को व्यवस्थित रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कोठी कंपाउंड में सुपरवाइज़रों को ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसके बाद उन्हें तालुका स्तर पर अन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। यानी पेन और पेपर की जगह विशेष एप्लीकेशन के जरिए आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे। इसके लिए भारत सरकार द्वारा ‘हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन ऐप’ विकसित किया गया है। साथ ही जनगणना मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग पोर्टल का भी उपयोग किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक करीब 40 इंस्पेक्टरों को इन डिजिटल टूल्स के उपयोग की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। विभिन्न सरकारी विभागों से चुने गए इन पर्यवेक्षकों को आगे तालुका और गांव स्तर के एन्यूमेरेटर को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस जनगणना में कुल 34 सवाल शामिल होंगे, जिनमें व्यक्ति और उसके परिवार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति से संबंधित जानकारी एकत्रित की जाएगी।
यदि वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उस समय सावली की आबादी 1,79,602, डेसर की 75,407, वडोदरा शहर की 18,22,532 और तालुका की 20,09,434 थी। वहीं वाघोडिया की आबादी 1,49,914, डभोई की 1,80,518, पादरा की 2,65,901, कर्जन की 1,67,579 और शिनोर की 65,440 दर्ज की गई थी।
