सूरत : गैस संकट और वैश्विक तनाव से टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर संकट, पांडेसरा में पावरलूम यूनिट्स बंद
वर्कर्स की कमी और बढ़ती लागत से उत्पादन ठप, छोटे-मध्यम उद्योगों पर मंडरा रहा भारी नुकसान का खतरा
सूरत। वैश्विक स्तर पर जारी अस्थिर हालात और स्थानीय स्तर पर गैस की गंभीर कमी का असर अब सूरत की प्रमुख टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर साफ दिखाई देने लगा है। शहर के पांडेसरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में पावरलूम यूनिट्स बंद हो गई हैं, जिससे उद्योग जगत में चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, पांडेसरा के इंडस्ट्री इलाके में आधे से अधिक पावरलूम फैक्ट्रियों पर ताला लटक गया है। मैन्युफैक्चरर्स के पास ऑर्डर होने के बावजूद गैस और श्रमिकों की कमी के कारण उत्पादन शुरू नहीं हो पा रहा है।
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि ऊर्जा स्रोतों की कमी के साथ-साथ बड़ी संख्या में श्रमिक अपने गृह राज्यों को लौट गए हैं और अब तक वापस नहीं आए हैं। वहीं, गैस सप्लाई में रुकावट के चलते बचे हुए श्रमिक भी धीरे-धीरे शहर छोड़ने लगे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव के कारण कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि हुई है और एक्सपोर्ट ऑर्डर्स में भी गिरावट दर्ज की गई है। इस दोहरे दबाव से सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री प्रभावित हो रही है।
गैस की कमी का असर डाइंग और प्रिंटिंग मिलों पर भी पड़ा है, जिससे पावरलूम यूनिट्स में तैयार ग्रे कपड़े का स्टॉक बढ़ता जा रहा है। उद्योगपतियों का मानना है कि यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, श्रमिकों की लगातार हो रही कमी आने वाले दिनों में और गहराने की आशंका है, जो पूरी टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है।
