सूरत : हीटवेव से निपटने की तैयारी: स्मीमेर अस्पताल में आइस बेड और बाथटब की व्यवस्था
हीटस्ट्रोक के मरीजों को तुरंत राहत देने के लिए विशेष इंतज़ाम; स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी
सूरत। शहर में बढ़ती गर्मी और संभावित हीटवेव को देखते हुए सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने स्वास्थ्य सुविधाओं को अलर्ट मोड पर रखा है। इसी कड़ी में शहर के प्रमुख सरकारी अस्पताल स्मीमर हॉस्पिटल में हीटस्ट्रोक के मरीजों के इलाज के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।
अस्पताल प्रशासन ने कैजुअल्टी विभाग में बाथटब और आइस बेड की व्यवस्था की है, ताकि हीटस्ट्रोक से पीड़ित मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके और उनके शरीर का बढ़ा हुआ तापमान जल्दी सामान्य किया जा सके।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, मार्च के महीने में ही तापमान तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने की संभावना है। ऐसे में लोगों को लू और अत्यधिक गर्मी से बचाने के लिए नगर निगम ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है।
स्मीमेर अस्पताल में रोजाना सूरत शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि गर्मी के मौसम में जब किसी व्यक्ति को हीटस्ट्रोक होता है, तो उसके शरीर का तापमान 105 से 106 डिग्री तक पहुंच सकता है, जिससे वह बेहोश भी हो सकता है। ऐसे मामलों में मरीज को तुरंत ठंडे पानी से भरे बाथटब में रखा जाता है, जिससे शरीर का तापमान तेजी से कम किया जा सके।
इसके अलावा अस्पताल के सभी वार्डों में पर्याप्त मात्रा में पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। मरीजों के लिए IV फ्लूइड, ORS और अन्य तरल पदार्थ भी उपलब्ध रखे गए हैं, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
डॉक्टरों ने नागरिकों को सलाह दी है कि गर्मी के दिनों में हल्के और कॉटन के कपड़े पहनें, बिना जरूरत तेज धूप में बाहर न निकलें और बाहर जाते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें। साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए नियमित अंतराल पर पानी, नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इन विशेष व्यवस्थाओं का उद्देश्य हीटस्ट्रोक के मरीजों को समय पर इलाज देकर गंभीर स्थिति से बचाना और लोगों की जान सुरक्षित रखना है।
