राजकोट : सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी में ‘डॉ. अंबेडकर की एजुकेशनल फिलॉसफी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020’ पर राष्ट्रीय परिसंवाद
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोरभाई मकवाना को ‘भीमरत्न’ सम्मान, युवाओं से शिक्षा के साथ आत्मसम्मान और मूल्यों को अपनाने का आह्वान
सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी में स्थित बाबासाहेब अंबेडकर चेयर-सेंटर द्वारा ‘डॉ. अंबेडकर की एजुकेशनल फिलॉसफी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020’ विषय पर राष्ट्रीय परिसंवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोरभाई मकवाना को उनके विशेष योगदान के लिए ‘भीमरत्न’ सम्मान से नवाजा गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. उत्पल जोशी ने की। इस अवसर पर उन्होंने किशोरभाई मकवाना को सम्मानित करते हुए उनके सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्र में योगदान की सराहना की।
सम्मान प्राप्त करने के बाद किशोरभाई मकवाना ने बाबासाहेब अंबेडकर चेयर-सेंटर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने अपने समय में भी शिक्षा को सर्वोच्च महत्व दिया था। वे बेटों और बेटियों दोनों के लिए समान शिक्षा के समर्थक थे और शिक्षा को मानवता की दिशा में आगे बढ़ने का सशक्त माध्यम मानते थे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे बाबासाहेब की तरह शिक्षा के साथ-साथ जीवन में मूल्यों और आत्मसम्मान की भावना को भी अपनाएं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाए। शिक्षकों की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण के सारथी होते हैं और उनकी तैयारी ऐसी होनी चाहिए कि शिक्षा वास्तविक और मूल्यपरक हो, न कि केवल मशीनी प्रक्रिया बनकर रह जाए।
कार्यक्रम में कुलपति डॉ. उत्पल जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर ने शिक्षा के साथ-साथ वाणी, व्यवहार और आचरण पर भी विशेष बल दिया था। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे मानवीय गुणों को विकसित कर बाबासाहेब के आदर्शों को जीवन में उतारें। उन्होंने यह भी बताया कि सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी में स्थापित डॉ. अंबेडकर चेयर शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से राज्य में एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित हो रही है।
इस परिसंवाद में दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से आए प्रो. नत्थालाल गोहिल और डॉ. कौशलबेन पंवार ने भी डॉ. अंबेडकर की शिक्षा संबंधी विचारधारा और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अंबेडकर चेयर-सेंटर द्वारा आयोजित भाषण और निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं, फेलोशिप कर रहे विद्यार्थियों तथा शोधकर्ताओं को भी गणमान्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। अंत में रजिस्ट्रार गढ़वी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सामाजिक कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंदबा खाचर, डॉ. अंबेडकर चेयर के अध्यक्ष प्रो. राजाभाई कथड़, विभिन्न कॉलेजों के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
