सूरत : हीरा और आभूषण व्यापारियों को बड़ी राहत, बैंक अकाउंट फ्रीजिंग समस्या पर गृह मंत्रालय ने जारी किया एसओपी

जीजेईपीसी की पहल पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: अब बिना वेरिफिकेशन के फ्रीज नहीं होंगे खाते; पारदर्शिता के लिए बना नया टाइम-बाउंड फ्रेमवर्क

सूरत : हीरा और आभूषण व्यापारियों को बड़ी राहत, बैंक अकाउंट फ्रीजिंग समस्या पर गृह मंत्रालय ने जारी किया एसओपी

सूरत, 7 मार्च, 2026 – भारतीय रत्न और आभूषण उद्योग (इंडियन जेम एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री ) के लिए एक बड़ी बाधा अब दूर हो गई है।

साइबर अपराध की शिकायतों के नाम पर व्यापारियों के बैंक अकाउंट अचानक फ्रीज होने की गंभीर समस्या का समाधान निकालते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया है।

पिछले कुछ समय से सूरत और देशभर के ज्वेलरी ट्रेडर्स को बिना किसी पूर्व सूचना के बैंक खाते फ्रीज होने से भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था। कई मामलों में, असली ट्रेडर्स को भी जांच के नाम पर परेशान किया जा रहा था, जिससे न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा था बल्कि बाजार में उनकी साख पर भी असर पड़ रहा था।

 इस संकट को देखते हुए जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) ने मोर्चा संभाला। गुजरात रीजन के चेयरमैन जयंती सावलिया और रीजनल कमेटी के मेंबर  दिनेश वाडियाने केंद्रीय गृह मंत्री अमित भाई शाह को पत्र लिखकर एक संस्थागत व्यवस्था बनाने का अनुरोध किया था।

इसके बाद जीजेईपीसी के प्रतिनिधिमंडल जयंति सावलिया, दिनेशभाई नावडिया ने I4C के डायरेक्टर कर्नल कौशिक बादल के साथ उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें व्यापारियों की परिचालन संबंधी मुश्किलों को विस्तार से रखा गया। 

गृह मंत्री के दिशा-निर्देशों के बाद लागू किए गए इस नए SOP से प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी। 

बैंक अकाउंट फ्रीज करना या फंड रोकना अब केवल भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के नियमों के तहत ही होगा। जांच अधिकारियों को कार्रवाई से पहले सही वेरिफिकेशन करना अनिवार्य होगा।

 अब अकाउंट होल्डर्स को विवादित ट्रांजैक्शन (Disputed Transaction) पर अपनी सफाई पेश करने का अवसर दिया जाएगा।

 शिकायतों के निपटारे के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की गई है, जिससे असली ट्रेडर्स के खाते बेवजह लंबे समय तक बंद नहीं रहेंगे।

 साइबर अपराध के पीड़ितों को फंड की तुरंत कस्टडी और रिफंड दिलाने के लिए भी मानक प्रक्रिया तय की गई है।

 जीजेईपीसी के अनुसार, यह कदम असली ट्रेडर्स के हितों की रक्षा करेगा और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। बैंकों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक समान प्रक्रिया होने से अब 'मनमाने ढंग' से खाते बंद करने की घटनाओं पर लगाम लगेगी।

गृह मंत्रालय का यह निर्णय सूरत के हीरा बाजार और देश के आभूषण उद्योग को सुरक्षा की गारंटी देता है, जिससे व्यापार का माहौल और अधिक सुगम बनेगा।

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