सूरत : चैंबर के बिज़नेस डेलीगेशन ने घाना और केन्या में तलाशे निवेश के नए अवसर
सूरत के 13 दिग्गज उद्योगपतियों ने किया घाना-केन्या का दौरा,1000 करोड़ से अधिक के व्यापारिक अनुबंधों की उम्मीद
सूरत। द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) द्वारा 14 से 21 फरवरी 2026 के दौरान घाना और केन्या का हाई-लेवल बिज़नेस डेलीगेशन दौरा आयोजित किया गया। इस दौरे का उद्देश्य आपसी व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना, नए निवेश अवसरों की खोज करना और वैश्विक स्तर पर बिज़नेस सहयोग को बढ़ावा देना था।
डेलीगेशन में प्रमुख उद्योगपति शामिल
डेलीगेशन में चैंबर के वाइस प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला, एसजीसीसीआई ग्लोबल कनेक्ट के सीईओ परेश भट्ट, सीनियर एग्जीक्यूटिव सुश्री मानसी पटने सहित विभिन्न क्षेत्रों के 13 प्रमुख उद्योगपति शामिल थे। ये प्रतिनिधि इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, वॉटर ट्रीटमेंट, फार्मास्यूटिकल्स, गोल्ड एवं डायमंड, ऑटोमोबाइल, हेवी माइनिंग इक्विपमेंट, आईसीटी और हाइजीन प्रोडक्ट्स जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं।
घाना में उच्च स्तरीय बैठकें
डेलीगेशन का पहला दौरा घाना के कोनांगो शहर में हुआ, जहां असांते अकिम सेंट्रल म्युनिसिपल असेंबली के मेयर एबेनेज़र एकोव ऐडू के साथ बैठक की गई। इसके बाद कुमासी और राजधानी अकरा में विभिन्न सरकारी अधिकारियों और उद्योगपतियों से मुलाकात की गई।
अकरा में घाना फ्री ज़ोन अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में हाई-लेवल मीटिंग आयोजित हुई। साथ ही कई बी2बी (बिज़नेस-टू-बिज़नेस) मीटिंग्स भी की गईं।
डेलीगेशन ने घाना नेशनल चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ बैठक कर एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इसके अतिरिक्त मदीना चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के साथ भी सहयोग को लेकर समझौता हुआ।
केन्या में सस्टेनेबल प्रोजेक्ट्स की जानकारी
डेलीगेशन ने केन्या में वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन, जिराफ सेंटर और सस्टेनेबल टूरिज्म प्रोजेक्ट्स का दौरा कर वहां की संरक्षण एवं पर्यटन नीतियों की जानकारी प्राप्त की।
विभिन्न उद्योगपतियों ने जताई निवेश उम्मीदें
अशोक जीरावाला ने दौरे को अत्यंत सफल बताते हुए कहा कि इससे भारत-अफ्रीका व्यापार संबंधों को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
सुश्री हेमलता लोहार (निएनम जेम्स) ने घाना के गोल्ड ट्रेड इकोसिस्टम को पारदर्शी बताते हुए लगभग 400 करोड़ के संभावित व्यापार की उम्मीद जताई।
वरुण कॉन्ट्रैक्टर (डिटॉक्स ग्रुप) ने पर्यावरण इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में 250–300 करोड़ की संभावनाएं बताईं।
मयूर अग्रवाल (किसुकी हेल्थकेयर LLP) ने 150 करोड़ के संभावित व्यापार और घाना में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की योजना का उल्लेख किया।
राजबहादुर शर्मा (ऑरेंज कॉर्पोरेशन) ने हेवी इंजीनियरिंग एवं माइनिंग उपकरणों में 125 करोड़ के व्यापार की संभावना जताई।
जैनम शाह (प्योरवेल) ने वॉटर ट्रीटमेंट और डैम प्रोजेक्ट्स में 100 करोड़ से अधिक के अवसर बताए।
विकास सुरेंद्र गाडिया (गाडिया ग्रुप) ने माइनिंग और FMCG सेक्टर में सालाना 20 करोड़ के संभावित व्यापार की उम्मीद जताई।
अक्षर मियानी (प्रयोशा इम्पेक्स) ने 20 करोड़ के व्यापार की संभावना व्यक्त की।
लालजीभाई कथीरिया और देव बाबरिया (सनराइज इंटरनेशनल) ने टेक्सटाइल सेक्टर में 10–15 करोड़ के संभावित बिज़नेस की बात कही।
शैलेश बाबूभाई धोला (वोलुबिट लुब्रिकेंट्स) ने लुब्रिकेंट्स सेक्टर में 20 करोड़ के व्यापार तथा निकट भविष्य में 3 करोड़ के ऑर्डर की संभावना जताई।
विनोदराय रैंक और चिंतन रैंक (लाइटवेव हेल्थकेयर) ने हाइजीन प्रोडक्ट्स सेक्टर में विस्तार योजना की जानकारी दी।
इस दौरे से सूरत एवं दक्षिण गुजरात की इंडस्ट्रीज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर मिलने की उम्मीद है। चैंबर के अनुसार, यह पहल भारत और अफ्रीकी देशों के बीच दीर्घकालिक व्यापार एवं निवेश सहयोग की मजबूत नींव साबित होगी।
