सूरत : सचिन जीआईडीसी में जलभराव की समस्या होगी खत्म, 4.97 करोड़ के ड्रेनेज प्रोजेक्ट का हुआ शिलान्यास
रोड नंबर 8 सहित 6 प्रमुख सड़कों पर बिछेगी आरसीसी ड्रेनेज लाइन, मानसून से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य
सूरत : सचिन जीआईडीसी क्षेत्र में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नए ड्रेनेज प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया गया।
पिछले कई वर्षों से रोड नंबर 9, 6, 4, 8, 43-A और 43-B सहित अन्य सड़कों पर बारिश के मौसम में पानी भरने की समस्या उद्योगपतियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी, जिससे समय और आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था।
मौजूदा प्रबंधन द्वारा क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण कर लगभग 3.5 किलोमीटर क्षेत्र में बारिश के पानी की निकासी के लिए आरसीसी ड्रेनेज लाइन बिछाने की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना का शिलान्यास सचिन इंडस्ट्रियल कंपनी लिमिटेड के ट्रेजरर एवं उद्योगपति गिरीशभाई राहुलिया ने किया।
उन्होंने बताया कि परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹4.97 करोड़ है, जबकि प्रारंभिक चरण में लगभग ₹1.50 करोड़ के कार्य से शुरुआत की जा रही है। मुख्य कार्य रोड नंबर 8 से प्रारंभ होगा और इसे आगामी मानसून सीजन से पहले पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सोसायटी के प्रेसिडेंट किशोरभाई पटेल और सेक्रेटरी मयूर गोरवाला ने कहा कि वर्तमान पैनल के कार्यकाल में उद्योगों से जुड़े मुद्दों को प्रशासन के साथ चरणबद्ध बैठकों के माध्यम से सुलझाया जा रहा है।
हाल ही में चोर्यासी के विधायक संदीपभाई देसाई की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, उद्योगपतियों और प्रबंधन की संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा लिखित प्रस्तुति के माध्यम से शेष मुद्दों के समाधान की रूपरेखा भी स्पष्ट की गई।
उद्घाटन समारोह में सोसायटी के प्रेसिडेंट किशोरभाई पटेल, नोटिफाइड चेयरमैन मितुलभाई मेहता, वाइस प्रेसिडेंट नीलेशभाई गामी, डायरेक्टर भीखूभाई नकरानी, सेक्रेटरी मयूर गोलवाला, सोसायटी मैनेजर अरविंदभाई अहीर तथा अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रबंधन का दावा है कि पिछले दो-तीन वर्षों में उद्योग हित में लिए गए निर्णयों से क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और यह ड्रेनेज प्रोजेक्ट भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
