सूरत : दिल्ली में आयोजित ‘वरदान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में डोनेट लाइफ को दो बड़ी उपलब्धियां
“काया - द मिशन ऑफ लाइफ” बनी बेस्ट शॉर्ट फिल्म, “अंगदान कर ले रे मानव” म्यूजिक वीडियो फर्स्ट रनर-अप; मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया सम्मानित
सूरत। अंग, शरीर और नेत्रदान को समर्पित दुनिया का पहला फिल्म महोत्सव वरदान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 26 और 27 फरवरी को दिल्ली स्थित गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी में आयोजित हुआ। दधीचि देहदान समिति और संप्रेषण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया।
फिल्म फेस्टिवल में सूरत की डोनेट लाइफ संस्था ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की। संस्था द्वारा निर्मित सच्ची घटना पर आधारित संवेदनशील शॉर्ट फिल्म काया - द मिशन ऑफ लाइफ को बेस्ट शॉर्ट फिल्म का पुरस्कार मिला, जबकि म्यूजिक वीडियो अंगदान कर ले रे मानव, तू ईश्वर बन जाएगा को फर्स्ट रनर-अप घोषित किया गया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘वरदान फिल्म फेस्टिवल’ को अंगदान आंदोलन का सशक्त माध्यम बताते हुए विश्वास जताया कि यह पहल समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाएगी और जीवनदान की भावना को मजबूती देगी। उन्होंने डोनेट लाइफ के संस्थापक नीलेश मंडलेवाला के अंगदान क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्राने भी उन्हें सम्मानित किया।
दधीचि देहदान समिति के संस्थापक आलोक कुमार ने नीलेश मंडलेवाला के योगदान को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज के लिए मिसाल है। फेस्टिवल के दौरान नीलेश मंडलेवाला को अंगदान के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।
डोनेट लाइफ ने शॉर्ट फिल्म, मोटिवेशनल फिल्म, रील और म्यूजिक वीडियो जैसी विभिन्न श्रेणियों में भाग लिया। संस्था का उद्देश्य ऑर्गन डोनेशन के महत्व को दर्शाना और यह संदेश देना था कि “अंगदान ही जीवनदान है।” फिल्म और संगीत जैसे रचनात्मक माध्यमों के जरिए संस्था ने यह संदेश देश के दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंचाने में सफलता पाई है।
इस दो दिवसीय समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर, फिल्म अभिनेता मनोज जोशी, सांसद मनोज तिवारी, हृदय प्रत्यारोपण सर्जन डॉ. अनिल अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार अनंत विजय सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
‘वरदान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ अंगदान जागरूकता के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल साबित हुआ, जिसने सामाजिक संवेदनशीलता और मानवता के संदेश को नई दिशा दी।
