राजकोट : 181 अभयम महिला हेल्पलाइन ने बचाई छात्रा की उम्मीद
शादी के दबाव से परेशान युवती को ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ में मिली सुरक्षित शरण
गुजरात सरकार की 181 अभयम महिला हेल्पलाइन ने एक बार फिर संकट में फंसी युवती को समय पर सहायता प्रदान कर उसकी पढ़ाई और आत्मनिर्भर बनने की उम्मीद को बचाया। परिवार द्वारा शादी के लिए दबाव बनाए जाने से परेशान 20 वर्षीय युवती को टीम ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार, युवती ने हेल्पलाइन पर फोन कर बताया कि उसके माता-पिता उसे आगे पढ़ने नहीं देना चाहते और शादी के लिए मजबूर कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अभयम टीम तुरंत उसके घर पहुंची, जहां वह डरी और मानसिक रूप से परेशान हालत में मिली।
काउंसलिंग के दौरान युवती ने बताया कि वह तीन बहनों में सबसे बड़ी है। परिवार छोटी बहनों को पढ़ा रहा है, लेकिन उससे घर के काम कराने के कारण पढ़ाई का अवसर नहीं दिया जा रहा। उसने पार्लर का काम सीखकर आत्मनिर्भर बनने की इच्छा भी जताई, परंतु पिता ने इसके लिए भी मना कर दिया।
टीम ने पिता को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने घर की जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए बेटी को पढ़ाई की अनुमति देने से इनकार कर दिया। युवती ने स्पष्ट कहा कि यदि उसे जबरन घर में रोका गया, तो वह कोई कठोर कदम उठा सकती है।
स्थिति को देखते हुए टीम ने युवती की सुरक्षा और मानसिक शांति को प्राथमिकता देते हुए उसे सखी वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया। समय पर मदद मिलने पर युवती ने अभयम टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। अधिकारियों ने कहा कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए 181 अभयम हेल्पलाइन राज्यभर में लगातार सक्रिय है और जरूरतमंद महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान कर रही है।
