राजकोट में अनोखी पहल, दूध की पर्ची बनी मतदान जागरूकता का माध्यम

‘मेरा वोट मेरा अधिकार’ संदेश के जरिए रोज़ाना 20 हजार दुग्ध उत्पादक परिवारों को किया जा रहा प्रेरित

राजकोट में अनोखी पहल, दूध की पर्ची बनी मतदान जागरूकता का माध्यम

स्थानीय निकाय चुनाव–2026 को लेकर जहां एक ओर चुनाव आयोग विभिन्न माध्यमों से मतदाताओं को जागरूक कर रहा है, वहीं राजकोट में एक अनोखी पहल सामने आई है। राजकोट डिस्ट्रिक्ट मिल्क प्रोड्यूसर सेल द्वारा दूध की पर्चियों के जरिए मतदाताओं को उनके अधिकार का संदेश दिया जा रहा है।

26 अप्रैल को होने वाले तालुका पंचायत, म्युनिसिपैलिटी और डिस्ट्रिक्ट पंचायत चुनावों का ग्रामीण क्षेत्रों पर व्यापक प्रभाव पड़ने वाला है। इसे ध्यान में रखते हुए राजकोट जिला प्रशासन और इलेक्शन ब्रांच ने दुग्ध उत्पादकों तक सीधे पहुंचने का अभिनव तरीका अपनाया है।

दूध जमा कराने वाले उत्पादकों को दी जाने वाली रसीदों पर ‘मेरा वोट मेरा अधिकार है’ का संदेश प्रमुखता से छापा जा रहा है। इस पहल के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि जिस तरह दूध में फैट की कीमत होती है, उसी तरह मतदान का अधिकार भी उतना ही मूल्यवान है।

गोपाल डेयरी के रजिस्ट्रार निखिल चावड़ा के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 20 हजार दुग्ध उत्पादकों को ऐसी पर्चियां दी जा रही हैं। पिछले पांच दिनों में 80 हजार से अधिक पर्चियां वितरित की जा चुकी हैं, जिनमें मतदान जागरूकता का संदेश शामिल है।

इसके अलावा, अमूल किसान ऐप के जरिए भी मतदाताओं तक पहुंच बनाई जा रही है। रोजाना लगभग 4700 मोबाइल उपयोगकर्ताओं को बल्क मैसेज भेजे जा रहे हैं, जबकि 16 अप्रैल से अब तक 15 हजार से अधिक जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा चुके हैं। यह अभियान 26 अप्रैल तक लगातार जारी रहेगा।

राजकोट जिला कलेक्टर एवं चुनाव अधिकारी डॉ. ओम प्रकाश स्वैप (SVAP) विभाग के मार्गदर्शन में इस अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को मतदान के प्रति जागरूक कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।

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