सूरत : सूट-बूट पहनकर रेड मारने पहुंचा 'फर्जी IT ऑफिसर' गिरफ्तार

ग्लोबल मार्केट के व्यापारी से मांगी 30 लाख की फिरौती; 'ओवर-एक्टिंग' के कारण पकड़ा गया राजस्थान का शातिर ठग

सूरत : सूट-बूट पहनकर रेड मारने पहुंचा 'फर्जी IT ऑफिसर' गिरफ्तार

सूरत । सूरत के वराछा इलाके में अक्षय कुमार की फिल्म 'स्पेशल 26' जैसा एक फिल्मी ड्रामा असल में देखने को मिला। सूट-बूट और ब्रांडेड चश्मा पहनकर खुद को इनकम टैक्स (IT) ऑफिसर बताने वाले एक शख्स ने व्यापारियों को चूना लगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। वराछा पुलिस ने आरोपी विजयसिंह चौहान को ब्लिस होटल से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

राजस्थान के पाली जिले का रहने वाला 51 वर्षीय विजयसिंह चौहान पूरे 'क्लास-वन ऑफिसर' के गेटअप में वराछा के ग्लोबल टेक्सटाइल मार्केट पहुंचा था। आंखों पर एविएटर गॉगल्स, गले में टाई, हाथ में कोट और इनकम टैक्स की फर्जी फाइलें—उसका हुलिया इतना सटीक था कि पहली नजर में कोई भी धोखा खा जाए। उसने मार्केट में घुसते ही व्यापारियों के बीच टैक्स चोरी की अफवाह फैलाई और एक दुकान में रेड मारने के अंदाज में एंट्री की।

आरोपी ने एक व्यापारी को टैक्स गड़बड़ी में फंसाने की धमकी देकर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी। काफी मोलभाव के बाद सौदा 4 लाख रुपये में तय हुआ। हालांकि, बात करने के लहजे और उसकी 'ओवर-एक्टिंग' को देखकर व्यापारी को शक हो गया। व्यापारी ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत वराछा पुलिस को सूचित किया।

पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी ब्लिस होटल में पैसे लेने के लिए आने वाला है। पुलिस ने जाल बिछाया और जैसे ही विजयसिंह वहां पहुंचा, उसे धर दबोचा। पुलिस की खाकी वर्दी सामने आते ही आरोपी का सारा फिल्मी 'टशन' हवा हो गया।

आरोपी ग्रेजुएट है और राजस्थान के पाली में टैक्स से जुड़े रिटेल का काम कर चुका है। इस वजह से उसे विभाग की कार्यप्रणाली और कागजी कार्रवाई की अच्छी जानकारी थी।

वह राजस्थान से सूरत आने के मात्र 24 घंटे के भीतर ही इस बड़ी वारदात को अंजाम देने निकल पड़ा था।पुलिस पूछताछ में उसने दावा किया कि वह असली अधिकारियों के लिए 'मुखबिर' (Informer) का काम करता है, जिसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है।

वराछा पुलिस ने व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई खुद को सरकारी अधिकारी बताकर डराता या पैसों की मांग करता है, तो सबसे पहले उसका आधिकारिक पहचान पत्र (ID Card) मांगें। किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन या उच्च अधिकारियों (ACP/DCP) को सूचित करें। घबराहट में आकर किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को नकद राशि न दें।

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