सूरत : ब्रेन-डेड दीपक गुप्ता के ऑर्गन डोनेशन से तीन ज़िंदगियों को मिला जीवनदान
नवी सिविल हॉस्पिटल में 2026 का दूसरा और कुल 91वां सफल ऑर्गन डोनेशन, दिल और दो किडनी दान
सूरत। सूरत के नवी सिविल हॉस्पिटल में साल 2026 का दूसरा और अब तक का कुल 91वां सफल ऑर्गन डोनेशन संपन्न हुआ। उत्तर प्रदेश के 37 वर्षीय ब्रेन-डेड दीपक पशुपतिनाथ गुप्ता के परिवार ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए उनके दिल और दोनों किडनी डोनेट करने का निर्णय लिया, जिससे तीन ज़रूरतमंद लोगों को नई ज़िंदगी मिलेगी।
इसके साथ ही नवी सिविल हॉस्पिटल के ज़रिए अब तक 9 दिलों का सफल डोनेशन हो चुका है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के गरवार तालुका स्थित शाहपुर गांव के निवासी और वर्तमान में सूरत के पांडेसरा क्षेत्र में रहने वाले दीपक गुप्ता रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे।
27 जनवरी को सुबह करीब 5:00 बजे, अठवागेट के पास एक कुत्ते को बचाने की कोशिश में उनका रिक्शा पलट गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक इलाज के बाद वे घर लौटे, लेकिन शाम को अचानक तबीयत बिगड़ने पर 108 एम्बुलेंस के ज़रिए उन्हें नवी सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों ने उनकी हालत को गंभीर देखते हुए उन्हें ICU में शिफ्ट किया। 30 जनवरी सुबह 7:00 बजे, RMO डॉ. केतन नायक, प्लास्टिक सर्जन डॉ. नीलेश कछड़िया, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. जय पटेल और न्यूरोसर्जन डॉ. केयूर प्रजापति की टीम ने दीपक को ब्रेन-डेड घोषित किया।
इसके बाद डॉक्टरों और गुजरात नर्सिंग काउंसिल के वाइस प्रेसिडेंट इकबाल कड़ीवाला ने दीपक के माता-पिता, पत्नी, भाई-बहन और परिजनों को ऑर्गन डोनेशन का महत्व समझाया।
दीपक के पिता पशुपतिनाथ गुप्ता ने भावुक शब्दों में कहा, “एक पिता के लिए अपने बेटे को खोना सबसे बड़ा दुख है। लेकिन अगर उसके अंग दान से किसी की जान बच सकती है, तो वह किसी के दिल की धड़कन और किसी की मुस्कान में ज़िंदा रहेगा।” परिवार ने भारी मन से लेकिन दृढ़ संकल्प के साथ ऑर्गन डोनेशन की सहमति दी।
ब्रेन-डेड दीपक की दोनों किडनियां IKDRC हॉस्पिटल, अहमदाबाद और दिल U.N. मेहता हॉस्पिटल, अहमदाबाद भेजा गया, जहां ट्रांसप्लांट के ज़रिए तीन मरीजों को जीवनदान मिलेगा।
आयोजित ऑर्गन डोनर प्रार्थना सभा में मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. धारित्री परमार, डॉ. केतन नायक, डॉ. नीलेश कछड़िया और इकबाल कड़ीवाला उपस्थित रहे और परिवार की सेवा भावना को नमन किया। ऑर्गन डोनेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के फाउंडर दिलीपदादा देशमुख ने भी शोक संदेश भेजा।
डॉ. धारित्री परमार के मार्गदर्शन में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, सिक्योरिटी टीम और वॉलंटियर्स ने पूरे ऑर्गन डोनेशन प्रोसेस को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
