सूरत : केंद्रीय बजट 2026–27 पर FOSTTA का सेमिनार, कपड़ा व्यापारियों को मिली विस्तृत जानकारी
टेक्सटाइल और MSME सेक्टर के लिए विकासोन्मुखी बजट, टैक्स व GST में राहत पर विशेषज्ञों ने डाली रोशनी
सूरत। फेडरेशन ऑफ सूरत ट्रेड एन्ड टेक्सटाइल एसोसिएशन ( फोस्टा ) द्वारा केंद्रीय बजट 2026–27 के प्रावधानों को लेकर कपड़ा व्यापारियों को जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को शाम 4 बजे फोस्टा कार्यालय में एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया।
इस सेमिनार में विशेषज्ञ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के पैनल ने बजट से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। पैनल में सीए राजेश भाऊवाला, सीए प्रग्नेश जगशेठ, सीए मुकेश काबरा, सीए रोहित पोरवाल और सीए राहुल अग्रवाल शामिल रहे। कार्यक्रम में BJP सूरत महानगर महामंत्री किशोर बिंदल एवं महामंत्री कालुभाई पटेल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सेमिनार को संबोधित करते हुए फोस्टा अध्यक्ष कैलाश हाकिम ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट 2026–27 टेक्सटाइल और एमएसएमई सेक्टर के लिए विकासलक्षी है। उन्होंने कहा कि बजट में क्रेडिट लिमिट बढ़ाने, निर्यात प्रोत्साहन, मेगा टेक्सटाइल पार्क और स्किल डेवलपमेंट पर दिए गए विशेष फोकस से उद्योग को नई गति मिलेगी। यह बजट आत्मनिर्भर भारत, रोजगार सृजन और निर्यात वृद्धि को मजबूत आधार प्रदान करेगा।
सीए मुकेश काबरा ने जानकारी दी कि आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कम्प्लायंस प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। संशोधित रिटर्न (Revised Return) दाखिल करने की समय-सीमा तीन महीने बढ़ाई गई है, जिससे करदाताओं को राहत मिलेगी।
सीए प्रग्नेश जगशेठ ने बताया कि सरकार ने शेयर ट्रेडिंग में सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाकर F&O ट्रेडिंग को नियंत्रित करने का प्रयास किया है। इसके साथ ही, आयकर असेसमेंट के बाद प्री-डिपॉजिट की अनिवार्यता 20% से घटाकर 10% कर दी गई है, जिससे व्यापारियों के वर्किंग कैपिटल पर कम असर पड़ेगा।
सीए राजेश भाऊवाला ने सुझाव दिया कि फोस्टा के माध्यम से यूरोप और अमेरिका में होने वाले अंतरराष्ट्रीय टेक्सटाइल प्रदर्शनियों में सूरत के व्यापारियों के डेलिगेशन भेजे जाएँ, ताकि नए वैश्विक बाजार विकसित किए जा सकें।
सीए रोहित पोरवाल ने जीएसटी में किए गए दो महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब सेल के बाद दिए जाने वाले डिस्काउंट पर कॉन्ट्रैक्ट की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा, रिफंड प्रावधानों में बदलाव करते हुए 7 दिनों में मिलने वाले प्रोविजनल ड्यूटी रिफंड को भी शामिल किया गया है, जिससे सूरत के व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के समापन पर सीए राहुल अग्रवाल ने बजट पर अपने विचार साझा किए और उपस्थित व्यापारियों तथा सीए पैनल का आभार व्यक्त करते हुए सरकार द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों की सराहना की।
इस सेमिनार में फोस्टा के डायरेक्टर्स, सूरत कपड़ा मार्केट के अध्यक्ष–सचिव एवं बड़ी संख्या में प्रतिष्ठित कपड़ा व्यापारी उपस्थित रहे।
