सूरत : 4-5 कुत्तों के झुंड ने 3.5 साल के मासूम को बनाया शिकार; सिर और शरीर पर आए 30 टांके

लसकाना में घर के बाहर खेल रहे बच्चे पर कुत्तों का जानलेवा हमला; लहूलुहान हालत में न्यू सिविल अस्पताल में भर्ती

सूरत : 4-5 कुत्तों के झुंड ने 3.5 साल के मासूम को बनाया शिकार; सिर और शरीर पर आए 30 टांके

सूरत। सूरत शहर में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर मासूम बच्चों के लिए काल साबित हो रहा है। ताज़ा घटना लसकाना इलाके के वालक पाटिया की है, जहाँ महज साढ़े तीन साल के एक बच्चे पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।

इस घटना के बाद इलाके के निवासियों में भारी दहशत और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, वालक पाटिया स्थित 'करुणेश होम ग्रीन वैली' में वॉचमैन के रूप में काम करने वाले हिमाल बायक का बेटा गणेश (3.5 वर्ष) आज सुबह अपने घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान 4 से 5 आवारा कुत्तों ने अचानक उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को जमीन पर गिरा दिया और उसके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों को बुरी तरह नोचना शुरू कर दिया।

बच्चे के चिल्लाने की आवाज़ सुनकर आसपास के लोग तुरंत लाठियां लेकर दौड़े और कुत्तों को भगाया। यदि लोग समय पर नहीं पहुँचते, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

लहूलुहान हालत में बच्चे को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद न्यू सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया।

अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, कुत्तों के दांत बच्चे के सिर में काफी गहरे धंस गए थे।मासूम के सिर और शरीर पर कुल 30 से 35 टांके आए हैं।अत्यधिक खून बह जाने के कारण बच्चा काफी कमजोर हो गया है और फिलहाल डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।

सूरत में कुत्तों के हमलों की यह पहली घटना नहीं है। कुछ समय पहले शहर में हुए सिलसिलेवार हमलों के बाद नगर निगम ने कुत्तों के लिए विशेष 'फीडिंग ज़ोन' बनाने और नसबंदी अभियान तेज करने का दावा किया था।

हालांकि, ज़मीनी हकीकत यह है कि अभियान सुस्त पड़ते ही आवारा कुत्तों का खतरा फिर से बढ़ गया है। लसकाना और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में कुत्तों की बढ़ती संख्या अब राहगीरों और बच्चों के लिए बड़ा जोखिम बन गई है।

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