सूरत : मेट्रो का अंडरग्राउंड सेक्शन निर्णायक दौर में, चौक बाजार में टीबीएम सतह के करीब पहुंची

सुरक्षा कारणों से चौक क्राइम ब्रांच ऑफिस खाली कराया गया, केवल 80 मीटर टनल का काम शेष

सूरत : मेट्रो का अंडरग्राउंड सेक्शन निर्णायक दौर में, चौक बाजार में टीबीएम सतह के करीब पहुंची

सूरत। डायमंड सिटी सूरत में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट अब अपने सबसे अहम और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण चरण में पहुंच गया है। शहर में लगभग 6 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड मेट्रो सेक्शन में से रेलवे स्टेशन से चौक बाजार तक टनल निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है।

वर्तमान में चौक बाजार इलाके में टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) काम कर रही है, जहां टनल धीरे-धीरे ज़मीन की सतह के बेहद करीब पहुंच रही है।

मेट्रो रूट को चौक बाजार के बाद एलिवेटेड सेक्शन में बदला जाना है, इसी वजह से टनल और सड़क की सतह के बीच की दूरी लगातार कम हो रही है। सतह के पास हो रहे इस संवेदनशील काम के चलते आसपास की इमारतों में वाइब्रेशन की संभावना को ध्यान में रखते हुए मेट्रो प्रशासन ने एहतियातन चौक क्राइम ब्रांच ऑफिस को अस्थायी रूप से खाली करा लिया है।

मेट्रो प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय पूरी तरह सुरक्षा चिंताओं के मद्देनज़र लिया गया है। अब तक पूरे 6 किलोमीटर अंडरग्राउंड टनलिंग कार्य के दौरान किसी भी इमारत को खाली कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी थी, क्योंकि उस समय टीबीएम ज़मीन की सतह से लगभग 20 मीटर की गहराई पर काम कर रही थी।

हालांकि, अब टीबीएम सतह के बेहद नज़दीक पहुंच चुकी है, ऐसे में एसवीएनआईटी के टेक्निकल एक्सपर्ट्स की राय ली गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, सतह के पास टनलिंग होने पर वाइब्रेशन का स्तर बढ़ सकता है, हालांकि अब तक किसी भी इमारत को नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक अब टनल के केवल 80 मीटर हिस्से का काम बाकी है। सुरक्षा के लिहाज़ से टीबीएम की स्पीड भी कम कर दी गई है। पहले जहां एक शिफ्ट में 10 से 12 रिंग लगाकर टनल तैयार की जाती थी, अब यह काम 5 रिंग प्रति शिफ्ट तक सीमित कर दिया गया है, ताकि वाइब्रेशन न्यूनतम रहे।

इसके अलावा, क्राइम ब्रांच ऑफिस की इमारत को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त सपोर्ट सिस्टम लगाया गया है और ज़मीन में ग्राउटिंग का काम किया गया है। मिट्टी को स्थिर करने के लिए सीमेंट में विशेष केमिकल मिलाकर ज़मीन को सख्त किया गया है, जिससे किसी भी प्रकार की संरचनात्मक क्षति से बचा जा सके।

मेट्रो प्रशासन का कहना है कि सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं और टनलिंग का शेष कार्य पूरी सुरक्षा के साथ जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

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