राजकोट : हेल्थ वेल्थ सीरीज़–2, RBSK की मदद से 16 वर्षीय किशोर ने ब्लड कैंसर को दी मात
लोधिका तालुका के खिरसरा गांव के किशोर को सरकार की योजना से मिला मुफ्त इलाज, राजकोट जिले में 42 बच्चों का कैंसर उपचार जारी
राजकोट जिले की लोधिका तालुका के खिरसरा गांव में रहने वाला 16 वर्षीय एक किशोर आज कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को हराकर फिर से अपने सपनों की ओर बढ़ रहा है। सामान्य परिवार में पले-बढ़े इस किशोर की जिंदगी उस समय मुश्किल में पड़ गई, जब अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और ब्लड सेल्स कम होने लगे। जांच के बाद पता चला कि वह ब्लड कैंसर से पीड़ित है।
बीमारी की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सिलाई का काम कर परिवार चलाने वाले पिता के लिए बेटे का महंगा इलाज कराना लगभग असंभव था। ऐसे कठिन समय में सरकार की “राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम” (RBSK) योजना परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई।
स्कूल में RBSK टीम द्वारा किए गए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान किशोर के लक्षण संदिग्ध पाए गए। टीम की सतर्कता और संवेदनशीलता के चलते उसे तुरंत आगे की जांच के लिए राजकोट सिविल अस्पताल भेजा गया। वहां से उसे अहमदाबाद के असरवा सिविल अस्पताल में रेफर किया गया, जहां करीब छह महीने तक उसका इलाज चला।
किशोर के पिता ने भावुक होते हुए बताया कि बेटे को सामान्य काम करने में भी दिक्कत होने लगी थी और वह हर समय थका हुआ महसूस करता था। RBSK टीम की वजह से समय पर बीमारी का पता चला और पूरा इलाज मुफ्त में हो सका। उन्होंने RBSK टीम, जिला स्वास्थ्य विभाग और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। किशोर की मां ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जरिए उनके बेटे को नया जीवन मिला है। लंबे और कठिन इलाज के दौरान बेटे ने हिम्मत नहीं हारी और आज वह पूरी तरह स्वस्थ है।
इस बारे में जानकारी देते हुए लोधिका तालुका की RBSK अधिकारी डॉ. शाहीन अघाम ने बताया कि RBSK के तहत नवजात से लेकर 18 वर्ष तक के सभी बच्चों का, चाहे वे स्कूल में हों या नहीं, मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण और जरूरत पड़ने पर सुपर स्पेशियलिटी इलाज कराया जाता है। जन्मजात विकार, विकास में देरी, हृदय रोग, कैंसर, अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियों का समय पर निदान और उपचार इस योजना के अंतर्गत किया जाता है।
उन्होंने बताया कि इसी कार्यक्रम के दौरान इस किशोर में बीमारी का पता चला था। राजकोट सिविल अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद उसे अहमदाबाद रेफर किया गया, जहां उपचार पूरा होने के बाद वह अब स्वस्थ जीवन जी रहा है। इस सफलता में डॉ. मोहितसिंह जडेजा, खुशबूबेन सिंगल, निखिलभाई सहित RBSK लोधिका और जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आज यह किशोर फिर से मुस्कुराता हुआ अपनी पढ़ाई में जुट गया है। वह 11वीं कक्षा की जनरल स्ट्रीम में अध्ययन कर रहा है और बेसिक्स ऑफ अकाउंटिंग व स्टैटिस्टिक्स उसके पसंदीदा विषय हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का समय पर पता चलना बेहद जरूरी है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूल और आंगनवाड़ी स्तर पर किए जाने वाले नियमित स्वास्थ्य परीक्षण बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल, इस योजना के अंतर्गत राजकोट जिले में 42 बच्चों का मुफ्त कैंसर उपचार जारी है।
