सूरत : "मैं भी सूरत का चाहने वाला हूँ"; नए म्युनिसिपल कमिश्नर एम. नागराजन ने साझा किया शहर के विकास का रोडमैप
चैंबर ऑफ कॉमर्स में भव्य स्वागत समारोह; डायमंड और टेक्सटाइल के बाद अब 'स्टार्ट-अप' को सूरत का तीसरा मजबूत स्तंभ बनाने पर जोर
सूरत। सूरत के नवनियुक्त म्युनिसिपल कमिश्नर श्री एम. नागराजन (IAS) के सम्मान में द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) द्वारा एक विशेष 'वेलकम सेरेमनी' का आयोजन किया गया।
नानपुरा स्थित 'समृद्धि' भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में कमिश्नर ने उद्यमियों, पेशेवरों और नागरिकों के साथ भविष्य के "स्मार्ट सिटी 2.0" का विजन साझा किया।
अपने संबोधन में श्री नागराजन ने सूरत के साथ अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए कहा "जब मैं यहाँ डिप्टी कमिश्नर था, तब सूरत का बजट 4,000 करोड़ था, जो आज 11,000 करोड़ तक पहुँच गया है। यह विकास दर्शाता है कि सूरत में क्षेत्रीय आर्थिक विकास की असीम क्षमता है।" उन्होंने जोर दिया कि अब समय आ गया है कि सूरत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाए।
कमिश्नर ने शहर की अर्थव्यवस्था के लिए DTS फ्रेमवर्क का मंत्र दिया D और T डायमंड और टेक्सटाइल सूरत के पहले से ही मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि अब S स्टार्टअप, इनोवेशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के क्षेत्र में सूरत की एक अलग पहचान बनाने की जरूरत है।
वे सूरत में स्टार्टअप कल्चर और मास स्किलिंग (Mass Skilling) पर विशेष ध्यान देंगे।अगली पीढ़ी के लिए 'कोर माइंडसेट' बच्चों के भविष्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि केवल पाठ्यक्रम (Curriculum) बदलना काफी नहीं है, बल्कि नगर निगम के स्कूलों में बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देकर उनका 'कोर माइंडसेट' मजबूत किया जाएगा। उन्होंने 'हेल्थ, एजुकेशन और बेहतर जीवन स्तर' को अपनी प्राथमिकता बताया।
शहर की वर्तमान समस्याओं पर उन्होंने ठोस कदम उठाने का भरोसा दिलाया, अगले एक महीने तक विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। सूरत को धूल-मुक्त (Dust-free) बनाने के लिए शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म योजनाएं लागू की जाएंगी। उन्होंने आह्वान किया कि हर नागरिक के मन में 'सूरत शहर मेरा है' की भावना जागृत होनी चाहिए।
कार्यक्रम में चैंबर अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर वाइस प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला, ऑनरेरी ट्रेज़रर CA मितेश मोदी सहित चैंबर के पूर्व अध्यक्षों और उद्योगपतियों ने भी अपने विचार साझा किए। कमिश्नर ने उद्यमियों से ऐसे सुझाव मांगे जिनसे पूरे शहर का भला हो सके, और विश्वास दिलाया कि वे नागरिकों का कर्ज विकास के जरिए चुकाने की पूरी कोशिश करेंगे।
