सूरत : IT रेड का सातवां दिन, 1900 करोड़ के बेनामी लेन-देन और 30 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त

मुन्ना ओलपाडी की 'फाइव स्टार' लैंड डील रडार पर; 30 बैंक लॉकर फ्रीज, हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए ED ले सकती है कमान

सूरत : IT रेड का सातवां दिन, 1900 करोड़ के बेनामी लेन-देन और 30 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त

सूरत। सूरत में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (IT) की इन्वेस्टिगेशन विंग द्वारा लक्ष्मी डायमंड ग्रुप, बिल्डर अनिल बगदाना और बृजेश ठक्कर उर्फ मुन्ना ओलपाडी के ठिकानों पर की जा रही मैराथन छापेमारी आज सातवें दिन भी जारी रही।

इस ऑपरेशन ने सूरत के रियल एस्टेट और डायमंड मार्केट में भूचाल ला दिया है। अब तक की जांच में 1900 करोड़ रुपये के बेनामी ट्रांजैक्शन का खुलासा हुआ है।

जांच का सबसे मुख्य केंद्र डुमस रोड पर प्रस्तावित एक फाइव स्टार होटल प्रोजेक्ट की लैंड डील है। करीब 17,000 वार की इस बेशकीमती ज़मीन की डील मुन्ना ओलपाडी ने की थी। जांच में पता चला है कि डील की कुल रकम का केवल 25% हिस्सा ही व्हाइट (चेक) में दिखाया गया, जबकि बाकी 75% हिस्सा कैश में चुकाया गया।

मुन्ना ओलपाडी को रियल एस्टेट का 'कमांडो' माना जाता है, जो पाल और रांदेर रोड के प्राइम प्रोजेक्ट्स में एडवांस में संपत्तियां खरीदकर उन्हें ऊंचे दामों पर कैश में बेचता था।

सात दिनों की सघन जांच के बाद विभाग ने निम्नलिखित जब्ती की है। 30 करोड़ मूल्य के कैश और सोने-चांदी के गहने सीज किए गए। संदिग्धों के नाम पर मौजूद 30 से ज्यादा बैंक लॉकर फ्रीज कर दिए गए हैं, जिन्हें जल्द ही खोला जाएगा।

एक प्राइवेट फ्लैट से लैपटॉप, पेन ड्राइव और कई गोपनीय दस्तावेज़ मिले हैं, जिनसे डायमंड ट्रेड में बोगस खर्च और टैक्स चोरी के बड़े नेटवर्क का पता चला है।

IT अधिकारियों को ऐसे पुख्ता संकेत मिले हैं कि ज़मीन सौदों का पैसा हवाला के जरिए विदेश भेजा गया है। ट्रांजैक्शन की जटिलता को देखते हुए अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मदद लेने पर विचार किया जा रहा है। यदि हवाला के सबूत पक्के होते हैं, तो प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मुन्ना ओलपाडी और उसके साथियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ सकती हैं।

लक्ष्मी डायमंड ग्रुप पर हुई इस रेड से डायमंड इंडस्ट्री के कई बड़े नामों के चेहरे बेनकाब होने की संभावना है। डिजिटल सबूतों से पता चला है कि यह ग्रुप बोगस लोन और फर्जी खर्च दिखाकर करोड़ों की टैक्स चोरी कर रहा था।

अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे फ्रीज किए गए लॉकर खुलेंगे, बेनामी संपत्ति और टैक्स चोरी का यह आंकड़ा 2500 करोड़ के पार जा सकता है। आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य बड़े प्लेयर्स को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।