सूरत : खजोद की आग पर जीपीसीबी का कड़ा एक्शन, नगर निगम को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

40 घंटे बाद भी धधक रहे कचरे के पहाड़, ज़हरीले पानी के निपटान के लिए सख्त निर्देश, गांधीनगर भेजी जाएगी जांच रिपोर्ट

सूरत : खजोद की आग पर जीपीसीबी का कड़ा एक्शन, नगर निगम को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

सूरत। सूरत की खजोद डंपिंग साइट पर लगी रहस्यमयी आग अब पर्यावरणीय संकट का रूप लेती जा रही है। घटना के 40 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (जीपीसीबी) ने सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (एसएमसी) के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया है।

जीपीसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर खजोद डंपिंग साइट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने आग की तीव्रता, फैलाव और इसके पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का जायज़ा लिया। आग बुझाने के लिए अब तक लाखों लीटर पानी का उपयोग किया जा चुका है।

डंपिंग साइट पर कचरे के ढेर से निकलने वाला पानी अत्यंत ज़हरीला और प्रदूषित बताया जा रहा है। इस पानी के आसपास की ज़मीन और भूजल पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

इसी को ध्यान में रखते हुए जीपीसीबी ने सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग को नोटिस जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस प्रदूषित पानी का निपटान सामान्य तरीकों से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और पर्यावरण-सुरक्षित विधियों से किया जाए।

डिटेल्ड रिपोर्ट तैयार कर रहा जीपीसीबी ने आग लगने के संभावित कारणों, आग पर नियंत्रण में देरी और नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह रिपोर्ट आने वाले दिनों में गांधीनगर स्थित बोर्ड के मुख्यालय को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

इधर, स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर आग बुझाने में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।

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