सूरत : मृत्यु के बाद भी 'अमर' हुईं रीताबेन; अंगदान से 5 लोगों को मिला नया जीवन

डायमंड हॉस्पिटल और जीवनदीप फाउंडेशन के सहयोग से हुआ 29वां सफल अंगदान; समाज के लिए प्रेरणा बना कोराट परिवार

सूरत : मृत्यु के बाद भी 'अमर' हुईं रीताबेन; अंगदान से 5 लोगों को मिला नया जीवन

सूरत। इंसानियत और समाजसेवा की भावना की एक प्रेरणादायक मिसाल सूरत में देखने को मिली, जहाँ  ब्रेन डेड रीताबेन हरेशभाई कोराट (उम्र 45 वर्ष) के ऑर्गन डोनेशन से पाँच ज़रूरतमंद मरीजों को नई ज़िंदगी मिली।

रीताबेन कोराट, निवासी रामवाटिका सोसाइटी, वेलंजा, सूरत और मूल निवासी जेतपुर, जिला राजकोट, भले ही अब इस दुनिया में नहीं रहीं, लेकिन उनके इस महान निर्णय ने कई परिवारों में खुशियाँ लौटा दीं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 22 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे, रीताबेन कोराट ने अपने बेटे राज हरेशभाई कोराट को फोन कर अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी दी। घर पहुँचने पर परिवार ने देखा कि उन्हें उल्टी हो रही थी और अत्यधिक कमजोरी महसूस हो रही थी। तत्काल उन्हें नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से डॉक्टरों ने आगे के उपचार के लिए सूरत के डायमंड हॉस्पिटल रेफर किया।

डायमंड हॉस्पिटल में आवश्यक जांच के बाद न्यूरोसर्जन डॉ. दीपेश कक्कड़ एवं उनकी टीम ने रीताबेन को ब्रेन डेड घोषित किया। इस अत्यंत दुखद समय में भी कोराट परिवार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए जीवनदीप ऑर्गन डोनेशन फाउंडेशन से संपर्क किया और ऑर्गन डोनेशन का साहसिक निर्णय लिया।

परिवार की सहमति के बाद SOTTO में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी की गई। इसके अंतर्गत IKDRC हॉस्पिटल, अहमदाबाद ने रीताबेन का लिवर और दोनों किडनी स्वीकार कीं, जबकि लोकदृष्टि आई बैंक ने दोनों आंखों का डोनेशन लिया। इस तरह रीताबेन कोराट के ऑर्गन डोनेशन से कुल पाँच मरीजों को नया जीवन प्राप्त हुआ।

दुख की घड़ी में भी समाज की भलाई को प्राथमिकता देने वाला कोराट परिवार का यह निर्णय पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। यह उदाहरण साबित करता है कि मौत के बाद भी ऑर्गन डोनेशन के माध्यम से जीवन को जीवित रखा जा सकता है और यही आज के समय की सबसे बड़ी सेवा है।

ऑर्गन डोनेशन की पूरी प्रक्रिया के दौरान डायमंड हॉस्पिटल के चेयरमैन सी.पी. वनानी, डॉ. दीपेश कक्कड़, एडमिन डॉ. हरेश पगड़ा, हॉस्पिटल स्टाफ तथा जीवनदीप ऑर्गन डोनेशन फाउंडेशन के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर विपुल तलाविया ने बताया कि डायमंड हॉस्पिटल और टीम जीवनदीप के संयुक्त प्रयास से कोराट परिवार से संबंधित यह 29वाँ सफल ऑर्गन डोनेशन रहा, जो समाज में ऑर्गन डोनेशन के प्रति बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक संकेत है।

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